डीएवी गुमो, सतपुलिया में महत्मा हंसराज जयंती मनाई गई
कोडरमा: डीएवी पब्लिक स्कूल, गुमो सतपुलिया, झुमरी तिलैया में महात्मा हंसराज जी की जयंती बड़े ही उत्साह एवं श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा हंसराज जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई, जहां विद्यालय की शिक्षिक इंचार्ज श्व़ेता सिंह, सभी शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राओं ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में कक्षा तीसरी से पांचवी के छात्र छात्राओं ने शानवी गुप्ता, आयत श्री, आद्या सिंह, प्रियल भारती, नैतिक कुमार, अरशद खान, मुकित अली हक एवं अन्य बच्चों ने महात्मा हंसराज जी के जीवन एवं विचारों को सुंदर चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया। कक्षा तीसरी से पांचवी के छात्रों अंकुश कुमार, मानस राज, भावेश राघव, आध्या सिंह, प्रकृति सोनी, शिवानी कुमारी, शिक्षा रानी, अनुप्रिया कुमारी, आदर्श चौधरी एवं शिवांशु कुमार ने प्रभावशाली भाषण देकर उनके आदर्शों पर प्रकाश डाला।
इसके अतिरिक्त, छात्रों के ज्ञानवर्धन हेतु प्रश्नोत्तरी (क्विज) प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और उत्साहपूर्वक अपने ज्ञान का प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर विद्यालय की इंचार्ज श्वेता सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा हंसराज जी के आदर्शों एवं मूल्यों को अपने जीवन में अपनाना प्रत्येक छात्र के लिए आवश्यक है।
विद्यालय के मैनेजर कृष्ण कुमार सिंह ने महात्मा हंसराज जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन सादगी, त्याग, अनुशासन और शिक्षा के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने यह भी कहा कि आज के युग में विद्यार्थियों को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा एवं परिश्रम को अपनाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि डीएवी संस्थाएं केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कारों का भी निर्माण करती हैं और बच्चों को एक जिम्मेदार एवं आदर्श नागरिक बनने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करती हैं।
श्री सिंह ने बच्चों को निरंतर सीखने, अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय के शिक्षक पवन कुमार एवं कुमार आदित्य द्वारा किया गया। समस्त कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण एवं प्रेरणादायक वातावरण में संपन्न हुआ।

