बढ़ी हुई बिजली दर वापस करने को लेकर भाजपा ने किया विधुत कार्यालय का घेराव
देवघर: दिनांक 17.04.26 को भारतीय जनता पार्टी के द्वारा विद्युत कार्यालय का घेराव प्रदर्शन के माध्यम से हेमंत सोरेन सरकार के द्वारा बढ़ी हुई बिजली दर को वापस लेने को लेकर घेराव प्रदर्शन किया।
मौके पर भाजपा नेताओं ने कहा कि झारखंड प्रदेश की जनता राज्य सरकार द्वारा बार-बार लिए जा रहे जन विरोधी, गरीब विरोधी, किसान, दलित, आदिवासी, पिछड़ा विरोधी निर्णय से निराशा है और आक्रोशित है जनता राज्य की भ्रस्ट, निकम्मी सरकार को जनादेश देने के लिए पछतावा भी कर रही है। जनता अब मान चुकी है कि चाहे ₹3200 प्रति क्विंटल धान खरीदने का वादा हो या फिर 450 रुपए में गैस सिलेंडर देने का, युवाओं को नौकरी और बेरोजगारी भत्ता देने का सभी वादे झूठे साबित हुए हैं।

आगे कहा कि विगत 1 अप्रैल से राज्य में बिजली दर में हुई अप्रत्याशित ऊंची वृद्धि ने तो आम खास सभी की कमर ही तोड़ दी है। 200 यूनिट मुफ्त बिजली का झांसा देकर जनता को ठगने वाली सरकार ने बिजली दर में भारी वृद्धि कर पिछले दरवाजे से जनता को शुद्ध सहित लूटने का जन विरोधी फैसला लिया है। एक तरफ जनता बिजली की आंख मिचोली से परेशान है तो दूसरी तरफ जले और खराब ट्रांसफार्मर सालों तक बदले नहीं जा रहे। वहीं स्मार्ट मीटर के माध्यम से जनता को परेशान किया जा रहा है। लगातार शिकायतें मिल रही है कि वर्ष भर का बिल को एक साथ देकर जमा करने के लिए बाध्य किए जा रहे हैं और नहीं जमा करने की स्थिति में बिजली काट दी जाती है, उस पर मुकदमा दर्ज किया जाता है।
राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिल में प्रति यूनिट 50 पैसे और शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 55 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि से आम उपभोक्ता को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है ।उद्योग धंधे और कृषि कार्य भी बिजली दर में वृद्धि से पूरी तरह प्रभावित हुए हैं किसानों की कमर टूट गई है।
आम जनता बढ़े हुए बिजली दर को बोझ सहन करने में असमर्थ है इसलिए सड़कों पर उतारकर प्रबल विरोध कर रही है यह विरोध प्रदर्शन राज्य सरकार को त्राहिमाम संदेश भी है और चेतावनी भी है अगर राज्य सरकार इस जन विरोधी फैसले को वापस नहीं लेती है तो भाजपा इस आंदोलन को और व्यापक करेगी ऐसी हालत में आंदोलन के लिए पूरी तरह से राज्य सरकार जिम्मेदार होगी।
धरना प्रदर्शन के माध्यम से भाजपा नेताओं ने मांग की है:-
👉बढ़े हुए बिजली दर को अभिलंब वापस लिया जाए।
👉24 घंटे बिजली आपूर्ति सुख निश्चित किया जाए।
👉जले एवं खराब ट्रांसफार्मर को 24 घंटे के अंदर बदल जाए उसमें धांधली नहीं किया जाए।
👉स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता से हो रही लूट को बंद किया जाए।
👉बांस बल्ले के खंभे पर चल रहे सभी पोल को बदला जाए।
मौके पर जिला अध्यक्ष सचिन रवानी, पूर्व विधायक नारायण दास, संजीव जजवाड़े, सुनीता सिंह, रीता चौरसिया, विशाखा सिंह, पप्पू यादव, मुकेश पाठक, विजया सिंह, पंकज सिंह भदोरिया, संतोष मुर्मू, सुलोचना देवी, अलका सोनी, मनोज मिश्रा, जयकांत मंडल, धनंजय तिवारी, गौरी शंकर शर्मा, बबलू पासवान, मंडल अध्यक्ष सोनाधारी झा, संजय गुप्ता, रमेश राय, अमरजीत दुबे, सुमित रवानी, सुनील यादव, शांति देवी, निरंजन देव, मोहन मंडल, कृष्ण पोद्दार, रवि रवानी, अनूप भैया, हरि ओम शरण, मनोहर चौधरी, दिगंबर पांडे, रामनारायण राय, संतोष सिंह, सुनील मंडल, अमित मिश्रा, अंशु देव राजपूत, विष्णु रावत इत्यादि उपस्थित थे।

