देवघर सेंट्रल स्कूल में पृथ्वी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
देवघर: विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर स्थानीय देवघर सेंट्रल स्कूल में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि परिवर्तन संसार का नियम है, लेकिन अंधाधुंध औद्योगीकरण और विकास की दौड़ ने पर्यावरण संतुलन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि सुविधा के नाम पर बढ़ती मशीनों की निर्भरता ने मानव जीवन को संकट में डाल दिया है और प्रदूषण के कारण नई-नई बीमारियां जन्म ले रही हैं।

इस अवसर पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। छात्र सुफियान ने बताया कि पृथ्वी दिवस की शुरुआत 22 अप्रैल 1970 को जेरॉल्ड नेल्सन द्वारा की गई थी, जो आज वैश्विक आंदोलन का रूप ले चुकी है। प्रशांत ने कहा कि बच्चों को देश का भविष्य मानते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होना आवश्यक है। हिमांशु ने ठोस कदम उठाने और प्रदूषण के कारणों को समझकर समाधान करने पर जोर दिया।

पीयूष ने स्वच्छता को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि जैसे हम अपने घर को साफ रखते हैं, वैसे ही आसपास के वातावरण को भी स्वच्छ रखना चाहिए। जीविका कुमारी ने बढ़ती वैश्विक ऊष्णता पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकाधिक वृक्षारोपण की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम के दौरान पोस्टर निर्माण और निबंध लेखन प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने ऊर्जा संरक्षण और पृथ्वी बचाने के संदेश को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के संयोजक सृजा एवं अन्य शिक्षकों के सहयोग से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
विद्यालय के मीडिया प्रभारी दिलीप कुमार पांडेय ने जानकारी दी कि प्रतियोगिताओं में विजयी छात्रों को आगामी दिनों में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

