हिंदी विद्यापीठ में स्व.नरसिंह पंडित की मनाई गई पुण्यतिथि
पंडित जी के विचार आज भी प्रासंगिक: अशोकानंद झा
देवघर: हिंदी विद्यापीठ स्थित गोवर्धन साहित्य महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य स्व.नरसिंह पंडित की पुण्यतिथि आज शुक्रवार (29 मई) को स्मृति दिवस के रूप में मनाई गई।

मौके पर संस्थान के व्यवस्थापक अशोकानंद झा ने पंडित जी की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों को अनुकरणीय बताया। उन्होंने शिक्षकों से भी आज की पीढ़ी के छात्रों को उनके आदर्श से अवगत कराने की सलाह दी। साथ ही कहा कि पंडित जी के विचारों को लोग अगर आत्मसात कर लें तो मनुष्य के दुख का दायरा कम होने के साथ ही वैश्विक स्तर पर शांति भी स्थापित हो जाय।
इसी क्रम में महाविद्यालय के वर्तमान प्राचार्य डॉ. संजय कुमार खवाड़े ने कहा कि पंडित जी में धतूरा के फूल को गुलाब का फूल बनाने का सामर्थ्य था। उनका गुरु शिष्य परंपरा आज मिशाल बन गया है।
अन्य वक्ताओं में बीएड कॉलेज की प्राचार्या डॉ.आशा मिश्रा ने पंडित जी को सादा जीवन उच्च विचार वाले व्यक्तित्व की संज्ञा दी। कहा कि उन्होंने अपने जीवन काल मे समाज को सिर्फ देने का ही काम किया।
वहीं साहित्य प्रेस प्रबंधक हिमांशु झा ने पंडित जी के व्यक्तित्व को अनुकरणीय बताया। शिक्षक नीतीश द्वारी ने कहा कि पंडित जी में बौद्धिकता के साथ साथ अध्यात्मिकता का भी समावेश था। इसी वजह से वे एक परिपूर्ण शिक्षक थे।
इस अवसर पर पंडित जी के पुत्रद्वय मुनेंद्र पंडित एवं बीरेंद्र पंडित ने भी अपने संस्मरण साझा करते हुए कहा कि सन 1954 ई. में उनके पिता नरसिंह पंडित जी बिहार गौरव व भूतपूर्व सीएम पं.विनोदानंद झा के संपर्क में आये। उनके ही आमंत्रण पर वे देवघर आए थे। पंडित जी के इस तिरोधान दिवस के अवसर पर विद्यापीठ के मीडिया प्रभारी शम्भू सहाय समेत संस्थान के तमाम अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

