मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में आईआरएस छिड़काव अभियान शुरू, 38 गांव होंगे कवर
देवघर जिला के सभी आठ स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सर्किल अंतर्गत दिनांक 20 मई 2026 से मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में आईआरएस (इंडोर रेजिडुअल स्प्रे) कीटनाशक (एसपी 2.5 प्रतिशत) दवा छिड़काव अभियान की शुरूआत की गई। इस दौरान ग्रामीणों को मलेरिया एवं मच्छर जनित रोगों की रोकथाम को लेकर जागरूक भी किया गया। आईआरएस के महत्व एवं फायदे बताकर अपने घरों के सभी कमरों में छिड़काव कराने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अलावा जिला भीबीडी पदाधिकारी डॉ अभय कुमार यादव ने बताया कि जिले में छिड़काव कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा।

अभियान के सफल संचालन के लिए कुल 09 छिड़काव दलों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि मलेरिया प्रभावित 32 आम / हेल्थ सब सेंटर (एचएससी) क्षेत्र अंतर्गत आने वाले कुल 38 गांवों को छिड़काव के लिए चिन्हित किया गया है। इस अभियान से लगभग 24,963 लोग लाभान्वित होंगे। इसके तहत् कुल 4452 लक्षित घरों के अंतर्गत कुल 20029 कमरों में मानसून के पूर्व प्रथम चक्र में दिनांक 20 मई से 03 जून 2026 तक तथा 75 दिन बाद मानसून के बाद अथवा के दौरान दूसरा चक्र दिनांक 11.08.2026 से 10.09.2026 तक आईआरएस का कार्य किया जाना है। इस दौरान 07 गांवों को फोकल स्प्रे के लिए भी चिन्हित किया गया है। जिसमें 1713 जनसंख्या को आच्छादित किया जाएगा।

इसके अलावा आईआरएस के पूर्व 06 गांव को मलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत् किट विज्ञान सर्वेक्षण कार्य हेतु चयनित किया गया है। जहां पर दोनों चक्रों के छिड़काव के पूर्व एक बार एवं छिड़काव के बाद एक बार पुनः मलेरिया फैलाने वाली एनोफिलिज मच्छरों के घनत्व का आंकलन करने हेतु किट संग्रहकर्ता श्री अमित कुमार के नेतृत्व में कुल चार अलग-अलग टीमें बनाई गई है। जो प्रथम चक्र छिड़काव के लिए दिनांक 19 मई से 17 जून 2026 तक अहले सुबह गांव-गांव जाकर कार्य संपादित करेंगे। जिसका अनुश्रवण जिला भीबीडी सलाहकार डॉ गणेश कुमार यादव कर रहे हैं। इस कार्य के लिए सीएचसी जसीडीह, मोहनपुर एवं सारवां के दो-दो गांवों को सेंटीनल एवं रेंडम साइट के रूप में चिन्हित किया गया है। आगे उन्होंने कहा कि मलेरिया नियंत्रण एवं रोकथाम के उद्देश्य से यह अभियान देवघर जिला में चलाया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छर जनित बीमारियों के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके। मौके पर जिला भीबीडी सलाहकार डॉ गणेश कुमार यादव सहित पिरामल फाउंडेशन के जिला लीड अभिषेक कात्यायन, एमटीएस, एसआई, एसडब्ल्यू एमपीडब्ल्यू, समेत छिड़काव टीम के सदस्य आदि मौजूद रहे। इसका ऑनलाइन पर्यवेक्षण हेतु गूगल सीट भी सबको उपलब्ध कराया गया। जिसका उद्देश्य जिला एवं राज स्तर मुख्यालय स्तर पर सीधे निगरानी करने के साथ कार्य की गुणवत्ता को सुनिश्चित करना है।

