देवघर (शहर परिक्रमा)

AIIMS देवघर के 9 संकाय सदस्य विश्व के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों में शामिल

देवघर: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) देवघर ने अनुसंधान और अकादमिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के कार्यकारी निदेशक सहित नौ संकाय सदस्यों को नवीनतम ग्लोबल साइंटिस्ट इंडेक्स रैंकिंग में विश्व के शीर्ष 5 प्रतिशत वैज्ञानिकों में स्थान मिला है।

    ग्लोबल साइंटिस्ट इंडेक्स दुनिया के सबसे बड़े ओपन रिसर्च डेटाबेस OpenAlex से प्राप्त 80 लाख से अधिक सक्रिय शोधकर्ताओं की प्रोफाइल और 2 करोड़ से अधिक शोध प्रकाशनों का मूल्यांकन करता है। इस रैंकिंग में शामिल होना किसी भी वैज्ञानिक के शोध योगदान, प्रकाशनों और अकादमिक प्रभाव की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता माना जाता है।
इस प्रतिष्ठित सूची में AIIMS देवघर के जिन संकाय सदस्यों को स्थान मिला है, उनमें
प्रो. नितिन गनगने
प्रो. सोमाशेखर निम्बलकर
डॉ. शेषाद्री रेड्डी वरिकासुवू
डॉ. आनंद कुमार पंडी
डॉ. अनिबरन गांगुली
डॉ. सुदीप भट्टाचार्य
डॉ. बिजीत विश्वास ,
डॉ. सुधा T. Y.
डॉ. हिमाइल मंडल

शामिल हैं।

फोटो में बाएँ से दाएं डॉ. शेषाद्री रेड्डी वरिकासुवू, प्रो. सोमाशेखर निम्बलकर, प्रो. नितिन गनगने, डॉ. सुदीप भट्टाचार्य, डॉ. अनिबरन गांगुली, डॉ. हिमाइल मंडल

    यह उपलब्धि AIIMS देवघर में तेजी से विकसित हो रहे शोध वातावरण और उच्च गुणवत्ता वाले वैज्ञानिक कार्यों का प्रमाण है। संस्थान के विशेषज्ञों द्वारा चिकित्सा विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे शोध कार्यों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है, जिससे संस्थान की प्रतिष्ठा और मजबूत हुई है।
     एम्स प्रशासन ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान न केवल संबंधित वैज्ञानिकों की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि AIIMS देवघर की सामूहिक शोध संस्कृति और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।
     विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान AIIMS देवघर को चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्टता के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही यह उपलब्धि युवा शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को भी नवाचार एवं गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के लिए प्रेरित करेगी।

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