देवघर (शहर परिक्रमा)

प्रलेस की बैठक में विभिन्न विधाओं पर हुई कविता पाठ

देवघर:स्थानीय बंपास टाउन मोहल्ला स्थित वृंदावन धाम में प्रगतिशील लेखक संघ देवघर जिला इकाई की बैठक जिलाध्यक्ष प्रो रामनंदन सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें शहर के जाने-माने कवियों एवं बुद्धिजीवियों के अलावा प्रगतिशील लेखक संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अपनी भागीदारी दिखायी।

      बैठक के प्रथम सत्र में संगठन के मुद्दे एवं रजरप्पा में होने वाले दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में देवघर से जाने वाले प्रतिनिधियों के संदर्भ में विचार विमर्श किया गया।
     जिला अध्यक्ष प्रोफेसर रामनंदन सिंह ने कहा कि प्रगतिशील लेखक संघ का रजरप्पा में दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन 25 जुलाई से होने जा रहा है जिसमें सूबे के सभी जिलों के प्रगतिशील विचारधारा के कवियों एवं लेखकों की सघन भागीदारी होगी। इसका समापन 26 जुलाई को होगा और प्रगतिशील विचारधाराओं को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया जाएगा।
     प्रलेस के जिला सचिव फाल्गुनी मरीक कुशवाहा ने कहा कि रजरप्पा में देवघर जिले से आधा दर्जन से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसमें देवघर से कई साहित्यकार भाग लेंगे तथा विभिन्न भाषाओं में कविता पाठ कर देवघर का नाम रोशन करेंगे।
       इस दौरान सर्वसम्मति से प्रस्ताव लिया गया कि संघ का संगठन जिले के विभिन्न प्रखंडों में बनाया जाएगा एवं युवा कवियों तथा कहानीकारों को आगे बढ़ाया जाएगा।         दूसरा सत्र कवि गोष्ठी का हुआ, जिसमें प्रगतिशील विचारधाराओं की कविताओं के अलावा अन्य कविताओं का दौर चला और खूब तालियां बजी। गोष्ठी के आरंभ में कवयित्री रचना झा ने शिव पर केंद्रित कविता पाठ की और सादगी से जीवन जीने की सीख लेने की प्रेरणा दी। इसके बाद सोनम‌ झा ने पिता के दायित्व पर आधारित कविता- यकीन मानो हमारी/तुम अपने हिस्से की भूख से हमें सिंचित किया है… सुनाई, जबकि अनीता चौधरी ने  प्रकृति की रचना और मानवता के महत्व पर आधारित कविता मधुर कंठ से पाठ की। गोष्ठी को आगे बढ़ते हुए प्रकाश चंद्र झा ने ओजपूर्ण कविता-इरादों की दुनिया में पड़ाव को ठिकाना लगने दो… कविता सुना कर खूब तालियां बटोरी। फाल्गुनी मरीक कुशवाहा ने खोरठा भाषा में महंगाई पर आधारित कविता-देशम‌ बढ़लो जिनिसेक दाम/कल कारखानाम तेय घटलो काम… सुनायी, जबकि प्रो रामानंदन‌ सिंह ने देवघर शहर में जगह-जगह पर बिकने वाली शराब की दुकानों के संदर्भ में बिंब खींचते हुए कविता प्रस्तुत कर सभी को सोचने को विवश कर डाला। प्रशांत कुमार सिंह ने कहानी की प्रस्तुति की एवं समाज में बेहतर तरीके से जीने का संदेश कहानी के माध्यम से दिया।
      इस अवसर पर उपरोक्त कवियों एवं बुद्धिजीवियों के अलावा जाने माने साहित्यकार प्रसन्न कुमार चौधरी, सुधीर कुमार उर्फ पप्पू, एसबीआइ के एजीएम प्रमोद कुमार दास, राजीव गुप्ता, राकेश कुमार गुप्ता, प्रमेश कुमार वर्मा आदि मौजूद थे। धन्यवाद ज्ञापन प्रलेस के अध्यक्ष ने किया जबकि संचालन जिला महासचिव ने किया। सभी कवियों को— रूह की पुकार– नामक कविता संग्रह देकर सम्मानित किया गया।

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