देवघर (शहर परिक्रमा)

एम्स देवघर में मेगा बाल हृदय रोग जांच शिविर संपन्न: 218 बच्चों की हुई जांच

देवघर: रोटरी इंटरनेशनल के ‘गिफ्ट ऑफ लाइफ प्रोजेक्ट’ (Gift of Life Project) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संयुक्त तत्वावधान में आयुष भवन, एम्स देवघर में आयोजित निःशुल्क जन्मजात हृदय रोग (CHD) जांच शिविर का सफल समापन हुआ। शिविर में देवघर और आसपास के जिलों से आए जन्म से लेकर 18 वर्ष तक के 218 बच्चों की जांच की गई, जिनमें से 55 बच्चों को सफल स्क्रीनिंग के बाद हृदय ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया है। इन सभी बच्चों का अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि (केरल) में पूर्णतः निःशुल्क हृदय ऑपरेशन कराया जाएगा।

     शिविर का अग्रिम मोर्चे से नेतृत्व कर रहे रोटरी के पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर शिव प्रकाश बगड़िया ने शिविर की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को एक नया जीवन देना रोटरी का सबसे पवित्र संकल्प है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए ऐसे बड़े ऑपरेशनों का खर्च उठाना असंभव होता है। रोटरी इंटरनेशनल अपने ‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ प्रोजेक्ट के तहत इन 55 बच्चों को न सिर्फ एक स्वस्थ दिल, बल्कि उनके परिवारों को मुस्कुराने की नई वजह देने जा रहा है। एम्स देवघर का विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा, कोच्चि के डॉक्टरों की विशेषज्ञता और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) का जमीनी समन्वय—इस त्रिवेणी ने ही आज इतने बड़े स्तर पर सेवा कार्य को सफल बनाया है।”

    शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे एम्स देवघर के कार्यपालक निदेशक सह सीईओ डॉ. प्रोफेसर नितिन एम. नागाणे ने स्वास्थ्य लाभ लेने आए बच्चों के अभिभावकों का ढाढस बंधाया और कहा कि “एम्स देवघर केवल एक चिकित्सा संस्थान नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने का माध्यम है। जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए यह शिविर एक वरदान की तरह है। रोटरी इंटरनेशनल की ‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ पहल और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) का यह संयुक्त प्रयास अत्यंत सराहनीय है। एम्स प्रशासन इस तरह के हर मानवीय और जीवन रक्षक अभियानों में अपना पूर्ण सहयोग देने के लिए हमेशा तत्पर है। आज जिन 55 बच्चों को चुना गया है, उनके सफल ऑपरेशन और उज्ज्वल भविष्य के लिए मेरी ढेरों शुभकामनाएं हैं।”

       शिविर की प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद उपनिदेशक प्रशासन लेफ्टिनेंट कर्नल अविक दास ने पूरी टीम की हौसलाअफजाई करते हुए कहा कि “इतने बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग शिविर को अनुशासित और सुचारू ढंग से संचालित करना एक बड़ी चुनौती थी, जिसे एम्स की फैकल्टी, कोच्चि से आए विशेषज्ञ डॉक्टरों और रोटरी व NHM के वालंटियर्स ने मिलकर बेहद कुशलता से पूरा किया। कोच्चि से देवघर तक आकर बच्चों को नई जिंदगी देने का यह जज्बा अद्भुत है। एम्स देवघर का आयुष भवन आज कई परिवारों के लिए नई उम्मीद का केंद्र बना है। भविष्य में भी हम ऐसे बड़े आयोजनों को हर संभव प्रशासनिक और लॉजिस्टिक सपोर्ट प्रदान करते रहेंगे।”
     एम्स देवघर के शुरुआती दौर से ही इसके साथ विभिन्न सामाजिक प्रकल्पों में कंधे से कंधा मिलाकर काम करने वाले रोटरी क्लब ऑफ देवघर के इमीडिएट पास्ट प्रेसिडेंट रोटेरियन पीयूष जयसवाल ने कहा कि “देवघर में जब से एम्स की परिकल्पना और इसके कार्यों की शुरुआत हुई है, तब से एक सामाजिक कार्यकर्ता और रोटेरियन के रूप में मेरा जुड़ाव संस्थान के साथ रहा है। एम्स देवघर ने हमेशा संताल परगना और पूरे झारखंड के गरीब मरीजों के लिए अपने दरवाजे खोले हैं। आज का यह शिविर उसी सेवा यात्रा का एक स्वर्णिम अध्याय है। स्वास्थ्य विभाग, NHM और रोटरी की यह साझीदारी आने वाले समय में स्वास्थ्य क्रांति का गवाह बनेगी। हम एम्स प्रशासन के सहयोगात्मक रवैये के लिए सदैव आभारी हैं।”
         मौके पर शिविर की अभूतपूर्व सफलता और स्वास्थ्य कर्मियों के कड़े परिश्रम को देखते हुए रोटरी क्लब ऑफ गिरिडीह द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की पूरी टीम को एक विशेष प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
       शिविर में बच्चों की पहचान और प्रारंभिक जांच को सफल बनाने के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) और स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों की टीम मुस्तैद रही, जिनमें डॉ. दिगिविजय भारद्वाज, डॉ. दिवाकांत पंकज (M.O. RBSK नोडल), डॉ. मनुजीत मंडल, डॉ. देवानंद तिवारी, डॉ. बरुन कुमार मंडल, डॉ. अभिषेक कुमार (मोहनपुर), डॉ. अभिषेक कच्छवाहा, डॉ. एकबाल खान, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. राकेश सिंह, डॉ. जीतेन्द्र कुमार एवं डॉ. रमापति शामिल थे। वहीं पड़ोसी जिलों से डॉ. चंदन वर्मा (गिरिडीह), डॉ. डिम्बेंदु रक्षित (दुमका) एवं डॉ. सत्य नारायण (जामतड़ा) सक्रिय रहे।
    अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि से आए विशेषज्ञ दल में डॉ. बृजेश पी. कोट्टायिल (सर्जन), डॉ. कृष्णकुमार (फिजिशियन), डॉ. निसंथ (रेडियोलॉजिस्ट), श्री पावक, श्री विष्णु (तकनीकी सहयोगी) एवं श्री आदित्य कुमार (समन्वयक) ने अपनी बेहतरीन सेवाएं दीं।
      स्वास्थ्य विभाग के प्रबंधन और समन्वय में नीरोज कुमार भगत (DPM), ब्रजेश कुमार झा (DAM), अन्वेष कुमार सिंह (DPC) एवं पृथ्वी कुमार (DDM) ने मुख्य भूमिका निभाई। इसके साथ ही, रांची से आए मुकेश कुमार (RBSK को-ऑर्डिनेटर, रांची) ने राज्य स्तर से सक्रिय सहयोग दिया।
     शिविर की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने में रोटरी क्लब ऑफ गिरिडीह के इमीडिएट पास्ट प्रेसिडेंट पीयूष मुसद्दी, रोटरी क्लब ऑफ देवघर के पास्ट प्रेसिडेंट रोटेरियन आनंद साह एवं पास्ट प्रेसिडेंट रोटेरियन प्रमोद चौचारिया ने बेहद महत्वपूर्ण और सक्रिय भूमिका निभाई।
      चयनित 55 बच्चों को कोच्चि ले जाने, उनके रहने और ऑपरेशन से जुड़ी आगे की सभी प्रक्रियाओं की जानकारी जल्द ही उनके अभिभावकों को आयोजन समिति द्वारा व्यक्तिगत रूप से दे दी जाएगी।

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