दुमका (शहर परिक्रमा)

यूजी नामांकन: SKMU ने सीबीएसई बोर्ड के छात्रों को दी बड़ी राहत, माइग्रेशन सर्टिफिकेट की अनिवार्यता में दी छूट


दुमका: सिदो-कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय ने सीबीएसई बोर्ड से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्रों को बड़ी राहत दी है। विश्वविद्यालय ने यूजी स्नातक नामांकन प्रक्रिया के दौरान ओर्गिनल माइग्रेशन सर्टिफिकेट जमा करने की अनिवार्यता में छूट प्रदान की है। अब सीबीएसई बोर्ड के छात्र अपने डीजी लॉकर में उपलब्ध माइग्रेशन सर्टिफिकेट की ई-कॉपी का प्रिंटआउट जमा कर नामांकन ले सकेंगे, बशर्ते उस पर संबंधित स्कूल या कॉलेज के प्राचार्य के हस्ताक्षर एवं मुहर हों।
ज्ञात हो कि सीबीएसई बोर्ड ने सितंबर 2024 में एक अधिसूचना जारी कर यह स्पष्ट किया था कि 2025 से आयोजित इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए वह ओर्जिनल माइग्रेशन सर्टिफिकेट जारी नहीं करेगा। इसके स्थान पर माइग्रेशन सर्टिफिकेट की डिजिटल प्रति डीजी लॉकर में अपलोड की जाएगी। इस निर्णय के बाद से सीबीएसई बोर्ड से इंटरमीडिएट पास छात्रों को स्नातक नामांकन के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। छात्रों की इस समस्या को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. जयनेंद्र यादव ने एक पत्र जारी कर सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। पत्र में उल्लेख किया गया है कि सीबीएसई बोर्ड से उत्तीर्ण छात्रों से माइग्रेशन सर्टिफिकेट की मूल प्रति के स्थान पर डीजी लॉकर से डाउनलोड सर्टिफिकेट का सम्बन्धित कॉलेज या स्कूल के प्रचार्य का हस्ताक्षरित प्रिंटआउट स्वीकार किया जाए।

इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय ने यह भी निर्देशित किया है कि ऐसे छात्र जिनके पास एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट आईडी उपलब्ध नहीं है, उनके मामले में अपर आईडी को मान्य माना जाए। विश्वविद्यालय ने नामांकन प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने हेतु कॉलेज प्रशासन से छात्रों के दस्तावेजों का सहज सत्यापन सुनिश्चित करने तथा छात्रों को समुचित सुविधाएं प्रदान करने के लिए निर्देशित किया है।
बता दे विवि में अभी यूजी नामांकन प्रक्रिया चल रहा है। छात्र ऑनलाइन आवेदन चांसलर पोर्टल से कर चुके है और सभी कॉलेजों में पहला मेरिट लिस्ट जारी भी हो गया है पहला मेरिट लिस्ट का नामांकन 27 जुलाई तक होगी।
इस संदर्भ में डॉ. जेनेन्द्र यादव ने बताया कि विश्वविद्यालय के सभी महाविद्यालयों में स्नातक नामांकन हेतु प्रथम मेरिट सूची जारी कर दी गई है और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे संबंधित महाविद्यालय में जाकर अपने दस्तावेजों का सत्यापन करवाएं और निर्धारित नामांकन शुल्क जमा कर नामांकन प्रक्रिया को पूर्ण करें।
डॉ. यादव ने महाविद्यालयों के प्राचार्यों से यह भी अनुरोध किया है कि वे छात्रहित को सर्वोपरि रखते हुए दस्तावेज सत्यापन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। साथ ही, छात्रों को विषय संयोजन एवं नामांकन से जुड़ी समस्याओं के निराकरण हेतु काउंसलिंग सुविधा भी प्रदान करें, ताकि छात्र किसी प्रकार की असुविधा के बिना अपनी शिक्षा यात्रा को सुचारू रूप से आरंभ कर सकें।

संवाददाता:- आलोक रंजन