देवघर (शहर परिक्रमा)

प्रगतिशील लेखक संघ का 8वां जिला सम्मेलन संपन्न, प्रो रामनंदन सिंह फिर बने अध्यक्ष

देवघर: स्थानीय आरएन बोस लाइब्रेरी में देवघर जिला प्रगतिशील लेखक संघ (प्रलेस)का आठवां जिला सम्मेलन संपन्न हुआ। सम्मलेन में मुख्य अतिथि के रूप में प्रगतिशील लेखक संघ, झारखंड प्रदेश के अध्यक्ष डॉ मिथिलेश शरीक हुए। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि लोगों को प्रगतिशील लेखन में लोगों को सिमटने की जरूरत नहीं, बल्कि प्रगतिशील विचारों को जन-जन तक कैसे पहुंचाएं, इसकी जरूरत है। लेखक आम जन की भावनाओं को आत्मसात करें एवं  रचना करें तभी प्रगतिशील आंदोलन आमलोगों तक पहुंच पाएगा। डॉ नागेश्वर शर्मा ने भी प्रगतिशील लेखक संघ की विकास यात्रा के बारे में विस्तार से अवगत कराया, जबकि डॉ बीएल दास अपने विचारों से सभागार में खूब तालियां बटोरी।

   अपने सम्बोधन में अवधेश कुमार प्रजापति ने कहा कि प्रगतिशील विचारधारा के लेखकों को संरक्षण देने की जरूरत है तभी यह आंदोलन आम आंदोलन बन सकता है। सामाजिक कार्यकर्ता रवि केशरी ने कहा कि देवघर जैसे शहर में प्रगतिशील विचारधारा के रचनाकारों का महत्वपूर्ण योगदान समाज को जगाने में है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है।
  इस अवसर पर मंचासीन अतिथियों में वासुदेव देव, डॉ इति कुमारी झा, प्रो रामनंदन सिंह, काजल कांति सिकदार, प्रसून बसु, जनवादी लेखक संघ के जिलाध्यक्ष धनंजय प्रसाद, सरोज गुप्ता, महासचिव एफएम कुशवाहा आदि मौजूद थे। बुधन बौद्ध की टीम ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति का सम्मेलन को रोचक बना डाला। मंच का संचालन प्रो राम नंदन सिंह ने किया। सभी अतिथियों ने प्रगतिशील लेखक संघ की ओर से प्रकाशित स्मारिका – प्रगति का विमोचन किया, जिसमें स्थानीय रचनाकारों के अलावा राष्ट्रीय स्तर के रचनाकारों की कविताएं एवं रचनाएं शामिल है।
       सम्मलेन में उपरोक्त अतिथियों के अलावा डॉ प्रदीप सिंह देव, प्रकाश चंद्र झा, प्रसन्न कुमार चौधरी, रविशंकर साह, अमित कुमार सिंह, डॉ दियांग कुमार सिंह, डॉ पालन कुमार झा, डॉ विजय शंकर, डॉ शंकर मोहन झा, धीरेंद्र छतहारवाला, डॉ युगल किशोर सिंह, दीपक कुमार देव, सुधीर कुमार, पार्थो मुखर्जी, रमेश चंद्र झा, सुजय राय, सियाराम सिंह, कुमार रंजन, राजीव गुप्ता, रमेश चंद्र झा, बबन बदिया, परमेश्वर साह, हरेंद्र सोरेन, राकेश चंद्र राय, प्रशांत कुमार सिन्हा, कृष्ण चंद्र, गौरव कुमार, किरण माला, सिमरन कुमारी, सुधीर कुमार रंजन, वासुदेव प्रसाद, जलेश्वर ठाकुर शौकीन, कपिल देव राणा, उमाशंकर राव उरेंदु, पुनीत दुबे, प्रमेश कुमार वर्मा आदि मौजूद थे।

सांगठनिक सत्र में पदाधिकारियों का हुआ चुनाव

समारोह के दौरान संगठन सत्र चला एवं सर्वसम्मति से जिला कमेटी का चुनाव संपन्न हुआ। इसमें सर्वसम्मति से जिला कमेटी के संरक्षक सामाजिक कार्यकर्ता अवधेश कुमार प्रजापति को बनाया गया और मुख्य संरक्षक के रूप में डॉ आरएन प्रसाद, डॉ एनसी गांधी, डॉ निशांत चौरसिया, प्रियदर्शी हलधर, प्रसून बसु बनाए गए। जिला अध्यक्ष पद पर प्रो रामनंदन सिंह चुने गए और महासचिव पद पर फाल्गुनी मरीक कुशवाहा का चयन किया गया। इसी प्रकार उपाध्यक्ष पद पर सरोज गुप्ता, अतिकुर रहमान, संयुक्त सचिव पद पर प्रकाश चंद्र झा, बबन बदिया एवं कार्यालय प्रभारी रमेश चंद्र झा चुने गए। कार्यकारिणी सदस्य के रूप में डॉ पालन झा, प्रेमशीला गुप्ता, युगल किशोर सिंह, अनीता चौधरी, सुजय राय, धीरेंद्र छतहारवाला, दीपक कुमार देव, वीरेश वर्मा, कुमारी अलका सोनी, किन्नरेश त्रिपाठी, अमित कुमार सिंह, बाबूलाल, हिमांशु कुमार सिंह, काजल कांति सिकदार, पार्थो मुखर्जी, कुमारी स्नेहलता, दीपक कुमार सिंह, गणेश प्रसाद उमर का चयन किया गया। जिला परिषद सदस्य में सुधीर कुमार, पुनीत दुबे, सोनाली भारती, उर्वशी, डॉ इति कुमारी झा, प्रीति, सन्नी मित्रा, हिमांशु कुमार का चयन किया गया।

संगठन सत्र के पश्चात आयोजित हुआ हुआ कवि सम्मलेन

संगठन सत्र के पश्चात कवि सम्मलेन का आयोजन किया गया। जिसमें देवघर शहर के जाने-माने कवियों में डॉ शंकर मोहन झा, डॉ सविता घोष, डॉ शिप्रा झा, रवि शंकर साह, सोनम झा, उमाशंकर राव उरेंदु, जलेश्वर ठाकुर शौकीन, प्रकाश चंद्र झा, गणेश प्रसाद उमर, सुधा श्री, पुनीत दुबे समेत दर्जनों कवियों ने प्रगतिशील विचारों पर आधारित  कविताएं सुनाईं और खूब तालियां बटोरीं। धन्यवाद ज्ञापन के पश्चात समारोह का समापन हुआ।