झारखंड (शहर परिक्रमा)

विशेष अभियान हेतु झारखण्ड पुलिस के 14 पदाधिकारी एवं कर्मियों को मिला केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक सम्मान

झारखण्ड राज्य में उग्रवादी संगठनों पर करारा प्रहार लगातार जारी है। फलस्वरुप नक्सल उन्मूलन अभियान में लगातार उल्लेखनीय सफलता हासिल हो रही है। नक्सल उन्मूलन अभियान में उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए केंद्रीय गृहमंत्री, भारत सरकार के द्वारा विशेष अभियान हेतु केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक से झारखण्ड पुलिस के 14 पदाधिकारी एवं कर्मियों को सम्मानित किया गया है।

अमोल विनुकांत होमकर, पुलिस महानिरीक्षक, रेल (तत्कालिन पुलिस महानिरीक्षक, अभियान), डॉ० माईकलराज एस०, पुलिस महानिरीक्षक, अभियान (तत्कालिन पुलिस महानिरीक्षक, बोकारो), इन्द्रजीत माहथा, पुलिस उप-महानिरीक्षक, झारखण्ड जगुआर,  सुरेन्द्र कुमार झा, पुलिस उप-महानिरीक्षक, कार्मिक (तत्कालिन पुलिस उप-महानिरीक्षक, बोकारो), मनोज स्वर्गियारी, समादेष्टा, झा.स.पु.-3. गोविन्दपुर, धनबाद (तत्कालिन पुलिस अधीक्षक, बोकारो), मिथिलेश कुमार, उप-समादेष्टा, अभियान के साथ कुल 14 पदाधिकारी एवं कर्मियों को मिला सम्मान ।
    ज्ञात हो कि विगत दो दशकों से शीर्ष नक्सलियों का गढ़ एवं शरण स्थली पारसनाथ पहाड़ी (गिरिडीह) एवं लुगु-झुमरा पहाड़ (बोकारो) को सुरक्षा बलों द्वारा भाकपा (माओ.) उग्रवादी संगठन की गतिविधी से मुक्त कराया गया है। उल्लेखनीय है कि इस इलाके के शीर्ष माओवादी कमान्डर अन्य जिलों में भी क्रियाशील हैं। संयुक्त सुरक्षाबलों के द्वारा जनवरी-2025 से अप्रैल-2025 तक चलाये गये अभियान के दौरान कुल-10 नक्सली कमान्डर मुठभेड़ में मारे गये हैं एवं भारी संख्या में हथियारों का जखीरा एवं गोली बरामद हुआ।
  अभियान की शुरूआत में दिनांक 22.01.2025 को पेक नारायनपुर थाना अंतर्गत ग्राम वंशी एवं जड़वा के पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 02 कुख्यात माओवादी मारे गये एवं 02 इंसास रायफल एवं 01 ए0के0-47 रायफल की बरामदगी की गयी। उक्त अभियान के दौरान 15 लाख ईनामी नक्सली (RCM) रणविजय महत्तो की गिरफ्तारी भी हुई है।
   आमसूचना आधारित सुरक्षाबलों का सघन अभियान पारसनाथ पहाड़ी (गिरिडीह) एवं लुगु-झुमरा पहाड़ (बोकारो) क्षेत्र में जारी रहा। अभियान के दौरान दिनांक-21.04.2025 को ऑपरेशन ‘डाकाबेड़ा के तहत लुगु पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षाबलों को उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई। एक करोड़ ईनामी CCM विवेक उर्फ प्रयाग मांझी अपने 08 कमान्डर / दस्ता सदस्यों के साथ मुठभेड़ में मारा गया साथ ही विभिन्न प्रकार के 14 हथियारों की बरामदगी भी हुई। ऑपरेशन ‘डाकाबेड़ा’ के दौरान सुरक्षाबलों द्वारा सबसे चुनौतीपूर्ण बिना किसी नुकसान के माओवादी के गढ़ को खाली किया। इस अभियान के दौरान झारखण्ड के इतिहास में पहली बार एक करोड़ ईनामी CCM स्तर का कमान्डर मारा गया।
  जनवरी से अप्रैल, 2025 तक चलाये गये अभियान में झारखण्ड पुलिस के 14 पुलिस पदा./कर्मियों
01. अमोल विनुकांत होमकर, पुलिस महानिरीक्षक, रेल (तत्कालिन पुलिस महानिरीक्षक, अभियान)
02. डॉ० माईकलराज एस०, पुलिस महानिरीक्षक, अभियान (तत्कालिन पुलिस महानिरीक्षक, बोकारो)
03. इन्द्रजीत माहथा, पुलिस उप-महानिरीक्षक, झारखण्ड जगुआर
04. सुरेन्द्र कुमार झा, पुलिस उप-महानिरीक्षक, कार्मिक (तत्कालिन पुलिस उप-महानिरीक्षक, बोकारो)
05. मनोज स्वर्गियारी, समादेष्टा, झा.स.पु.-3, गोविन्दपुर, धनबाद (तत्कालिन पुलिस अधीक्षक, बोकारो)
06. मिथिलेश कुमार, उप-समादेष्टा, अभियान
07. पु.अ.नि. जितेन्द्र कुमार
08. पु.अ.नि. मंटु कुमार
09. आ. दीनबन्धु शेखर
10. आ. पारष कुमार वर्मा
11. आ. विकाश कर्माकर
12. आ. भागीरथ रजवार
13. आ. शिवनन्दन हांसदा एवं
14. आ० अजय मेहता
   के उत्कृष्ट नेतृत्व, कर्तव्यनिष्ठा और बहादुरी को सराहते हुए विशेष अभियान हेतु केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक से सम्मानित किया गया।