देवघर (शहर परिक्रमा)

“बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान के तहत जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन

देवघर: उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी के निर्देशानुसार जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कुमारी रंजना की अध्यक्षता में आज विकास भवन में चेतना विकास  द्वारा “बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान के तहत एक जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
    यह कार्यशाला चेतना विकास  के जस्ट राईट  फॉर चिल्ड्रन अलायंस  के सहयोग से चल रही एक्सेस टू जस्टिस परियोजना के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसमें देवघर, मोहनपुर एवं देवीपुर प्रखंडों के पंचायत प्रतिनिधि एवं पंचायत सचिवों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कुमारी रंजना एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी नायब जेबा द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
   उद्घाटन सत्र में कुमारी रंजना ने कहा कि  “बाल विवाह को रोकने के लिए केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि हर नागरिक, हर पंचायत स्तर पर जिम्मेदारी निभाए. वोटर कार्ड या किसी भी आयु प्रमाण पत्र के सत्यापन में सावधानी रखी जाए, ताकि किसी भी नाबालिग की शादी न हो पाए।”
   वहीं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (शहरी) नायब जेबा ने भी सभी को बाल विवाह के खिलाफ आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जिला पंचायती राज पदाधिकारी रणबीर सिंह का महत्वपूर्ण  सहयोग रहा। साथ ही जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड लाइन एवं अन्य स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण उपस्थिति रही।

विशेष सत्र: पंचायतों की भूमिका पर चर्चा
कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में विषय विशेषज्ञ अशुतोष कुमार एवं अंजली कुमारी ने “पंचायत प्रतिनिधियों एवं पंचायत सचिवों की भूमिका एवं जिम्मेदारी” विषय पर विस्तृत जानकारी साझा करते हुए उन्होंने बताया कि पंचायतें समुदाय की सबसे नजदीकी इकाई हैं, जो बाल विवाह की पहचान, रोकथाम और रिपोर्टिंग में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।
चेतना विकास की कृतिका सुमन ने बताया कि “बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान का शुभारंभ पिछले वर्ष 27 नवंबर 2024 को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री द्वारा विज्ञान भवन, नई दिल्ली में किया गया था। इस अभियान के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर चेतना विकास  द्वारा 100 दिवसीय जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें पंचायतों को सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा।
सामूहिक संकल्प और समापन
कार्यक्रम के दौरान सभी पंचायत प्रतिनिधियों और सचिवों ने अपनी पंचायतों में बाल विवाह उन्मूलन के लिए ठोस कदम उठाने का संकल्प लिया तथा अगले 100 दिनों की गतिविधियों की योजना तैयार की.
समापन सत्र में चेतना विकास के सचिव ने कहा –
“यदि हमारे समाज के युवा स्वयं यह ठान लें कि वे 18 वर्ष से कम आयु की लड़की से विवाह नहीं करेंगे, तो बाल विवाह स्वतः समाप्त हो जाएगा।”
चेतना विकास  के सचिव कुमार रंजन के धन्यवाद ज्ञापन के साथ नई दिशा में कार्य करने को प्रेरित होते हुए कार्यक्रम का समापन हुआ।
कार्यक्रम को सफल बनाने में चेतना विकास की टीमके पूनम कुमारी, राधा कुमारी, दामोदर प्रसाद एवं विपुल प्रसाद गुप्ता इत्यादि का योगदान रहा।