देवघर (शहर परिक्रमा)

देवघर के जलाशय खतरे में, जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता: आदर्श लक्ष्य

देवघर: आजसू पार्टी के देवघर जिला अध्यक्ष आदर्श लक्ष्य ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि सरकारी हो या निजी भूमि, किसी भी प्रकार के तालाब को भरना पूर्णतः वर्जित है। उन्होंने कहा कि देवघर जिले में लगातार तालाबों एवं जलाशयों को समतल कर अतिक्रमण करने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो न केवल कानून के खिलाफ है बल्कि पर्यावरण एवं जल संरक्षण के लिए भी गंभीर खतरा है।

      आदर्श लक्ष्य ने कहा कि जिले में कई महत्वपूर्ण तालाबों एवं बांधों को पहले ही भर दिया गया है या उनके अस्तित्व पर संकट उत्पन्न हो गया है। इनमें प्रमुख रूप से पोखनाटिल्हा तालाब, चकश्रीमिसिर बांध, जरुवाडीह तालाब, बलसारा कौरा बांध, बलसारा कुसुम बांध, पोखनाटिल्हा सिंह मोहल्ला के नीचे स्थित तालाब, बरियार बांध, फुटा बांध, राज बांध, कल्याणपुर तालाब, सुरातिलौना तालाब, कानिजोर बस्ती स्थित तालाब, नीलकंठपुर तालाब, मधुसुदन छोरथ बांध, श्यामगंज कानूटोला तालाब, बेला बगीचा तालाब, मदारी चक तालाब, हथगढ़ जलाशय तालाब, रांगा बांध, जताही तालाब तथा बांधडीह तालाब सहित कई अन्य जल स्रोत शामिल हैं।
     उन्होंने आगे कहा कि अभी भी कई तालाब एवं बांध भू-माफियाओं की नजर में हैं, जिनमें कुष्ठ आश्रम तालाब, बिलासी हलीमा बांध, नरौने पोखर, पांडे पोखर, दाता साहब पोखर एवं जलसार पोखर प्रमुख हैं। यदि समय रहते इन पर कार्रवाई नहीं की गई, तो इनका अस्तित्व भी समाप्त हो सकता है |
     आदर्श लक्ष्य ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश (मामला संख्या 3215/01.07.1952, हिंचलाल तिवारी बनाम कमला देवी) का हवाला देते हुए कहा कि न्यायालय ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि किसी भी सरकारी या निजी भूमि पर स्थित तालाब पर किसी व्यक्ति का व्यक्तिगत अधिकार नहीं हो सकता। तालाब के रूप में दर्ज भूमि को उसी स्वरूप में बनाए रखना अनिवार्य है और इसे किसी भी परिस्थिति में किसी व्यक्ति को आवंटित नहीं किया जा सकता, भले ही उसका कुछ हिस्सा सूख या समाप्त क्यों न हो गया हो।
     उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि सभी तालाबों एवं जलाशयों की सूची तैयार कर उनके संरक्षण हेतु ठोस कदम उठाए जाएं, अतिक्रमण हटाया जाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
     अंत में उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वे जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक रहें और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण की सूचना प्रशासन को दें, ताकि देवघर के प्राकृतिक संसाधनों को बचाया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *