देवघर (शहर परिक्रमा)

‘मुझको अभी जीना है’ पुस्तक का हुआ लोकार्पणयाद

देवघर: हिंदी साहित्य जगत के लब्ध प्रतिष्ठित कवि रामशंकर मिश्र ‘पंकज’ की रचना को गीत संग्रह में पिरोकर युवा कवि हिमांशु झा ने कविवर स्व.पंकज को एक बार पुनः जीवित करने का काम किया है। उक्त विचार झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री राजपालिवर ने कवि हिमांशु झा द्वारा संकलित पुस्तक मुझको अभी जीना है,के लोकार्पण के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किया।

स्थानीय श्यामा निवास में आयोजित कार्यक्रम के दौरान श्री पलिवार ने लेखक को साधुवाद देते हुए कहा कि आज जबकि लोग पंकज जी को धीरे-धीरे भूलते जा रहे हैं,वही हिमांशु जी ने उनकी रचनाओं को एक पुस्तक में पिरोकर पंकज जी को पुनः जीवित करने का सराहनीय काम किया है।

पुस्तक के मुख्य लोकार्पक तक्षशिला विद्यापीठ के एमडी अशोकानंद झा ने कहा कि साहित्यकार अपनी रचना निःस्वार्थ करते हैं। ऐसे साहित्यकारों को वास्तव में साधु की संज्ञा दी जा सकती है। श्री झा ने युवा कवि को भविष्य में भी रचना करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए अपने स्तर से हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया।

इस अवसर पर साहित्यकार विश्वनाथ झा, डॉ. शंकर नाथ झा, उमाशंकर राव उरेन्दू, अमरनाथ झा पंकज, प्रो.रामनंदन सिंह, सर्वेश्वर दत्त द्वारी, योगेंद्र झा, निर्मल झा मंटू, विनय कृष्ण झा, रविशंकर साह, संजय मिश्र, अरुणानंद झा, चंद्र शेखर खवाड़े, डॉ. शंकर मोहन झा, अधिवक्ता शेखर झा, वार्ड पार्षद शैलजा देवी व वरिष्ठ पत्रकार शम्भू सहाय मुख्य रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध उद्घोषक रामसेवक सिंह गुंजन ने किया। वहीं पुस्तक के रचयिता हिमांशु झा ने आगत अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *