डीएवी कोडरमा की पीटीएम में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर मंथन
अभिभावकों और शिक्षकों ने शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासन, अंग्रेजी संवाद कौशल, साइबर सुरक्षा एवं स्वस्थ जीवनशैली पर की विस्तृत चर्चा
कोडरमा: पीवीएसएस डीएवी पब्लिक स्कूल, झुमरी तिलैया में आज मंगलवार को आयोजित अभिभावक–शिक्षक बैठक (पीटीएम) में विद्यार्थियों के शैक्षणिक, नैतिक एवं सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में अभिभावकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। शिक्षकों ने प्रत्येक विद्यार्थी की विषयवार प्रगति, मूल्यांकन परिणाम, उपलब्धियों तथा सुधार की संभावनाओं से अभिभावकों को अवगत कराया और उनकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप मार्गदर्शन प्रदान किया।
बैठक में नियमित उपस्थिति, समयपालन, अनुशासन तथा कक्षा में सक्रिय सहभागिता को विद्यार्थियों की सफलता का आधार बताते हुए अभिभावकों से इन पहलुओं पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया गया। गृहकार्य एवं कक्षा कार्य की नियमितता, नोटबुकों की स्वच्छता तथा समय पर कार्य पूर्ण करने की आदत विकसित करने पर भी बल दिया गया। शिक्षकों ने कहा कि घर पर अभिभावकों की नियमित निगरानी और सकारात्मक प्रोत्साहन बच्चों की सीखने की क्षमता को सुदृढ़ बनाते हैं।

विद्यालय में अंग्रेजी भाषा के प्रभावी वातावरण को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से अभिभावकों से बच्चों को घर पर भी अधिकाधिक अंग्रेजी बोलने, नियमित पठन-पाठन की आदत विकसित करने तथा शब्दावली समृद्ध करने के लिए प्रेरित करने का अनुरोध किया गया। साथ ही विद्यार्थियों के व्यवहार, नैतिक मूल्यों, शिक्षकों एवं सहपाठियों के प्रति सम्मान तथा विद्यालय के नियमों के पालन के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
डिजिटल युग की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए मोबाइल फोन एवं सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग, साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी तथा अनावश्यक स्क्रीन टाइम को सीमित करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। अभिभावकों से बच्चों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए निरंतर मार्गदर्शन देने का आग्रह किया गया।
बैठक में संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, व्यक्तिगत स्वच्छता, नियमित व्यायाम एवं खेलकूद की उपयोगिता पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों जैसी पाठ्यसहगामी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देने पर बल दिया गया। परीक्षा की योजनाबद्ध तैयारी, समय प्रबंधन एवं नियमित पुनरावृत्ति के संबंध में भी अभिभावकों को उपयोगी सुझाव दिए गए।
विद्यालय के प्राचार्य कृष्ण कुमार सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में विद्यालय और अभिभावकों की साझेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दोनों के समन्वित प्रयासों से ही विद्यार्थियों में शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासन, नैतिक मूल्य, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का समुचित विकास संभव है। उन्होंने अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि इस प्रकार की नियमित संवादात्मक बैठकों से विद्यालय और अभिभावकों के बीच सहयोग और अधिक सुदृढ़ होगा तथा विद्यार्थियों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

