कोडरमा (शहर परिक्रमा)

पीवीएसएस डीएवी में हिरोशिमा दिवस पर श्रद्धांजलि सभा, विद्यार्थियों ने दिया विश्व शांति और अहिंसा का संदेश

कोडरमा: पीवीएसएस डीएवी पब्लिक स्कूल, झुमरी तिलैया में 6 अगस्त को हिरोशिमा दिवस के अवसर पर एक गरिमामय एवं भावपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य हिरोशिमा और नागासाकी की त्रासदी को स्मरण करते हुए विद्यार्थियों में विश्व शांति, मानवता, बंधुत्व एवं अहिंसा के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से परमाणु युद्ध की भयावहता तथा शांति के महत्व को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया। आराध्या सिंह ने अंग्रेजी में तथा प्रत्युषा कुमारी ने हिन्दी में अपने ओजस्वी भाषणों के माध्यम से हिरोशिमा दिवस के ऐतिहासिक महत्व एवं विश्व शांति की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। सभ्यता सिंह ने हिन्दी कविता तथा अनुष्का गुप्ता ने अंग्रेजी कविता की मार्मिक प्रस्तुति देकर युद्ध की विभीषिका और मानवता के संदेश को अत्यंत भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। कुमुद सिंह ने हिरोशिमा दिवस से जुड़े महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्यों से सभी को अवगत कराया, जबकि निष्ठा गुप्ता ने एक रोचक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का संचालन कर उपस्थित विद्यार्थियों के ज्ञान में वृद्धि की।
कार्यक्रम में नंदिनी कुमारी ने शिव तांडव पर आधारित नृत्य-नाट्य की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर बुराई के विनाश तथा शांति एवं मानव कल्याण के संदेश को कलात्मक रूप में अभिव्यक्त किया।
विद्यालय के प्राचार्य कृष्ण कुमार सिंह ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि हिरोशिमा और नागासाकी की त्रासदी मानव इतिहास का अत्यंत दुःखद एवं काला अध्याय है। यह दिवस हमें स्मरण कराता है कि युद्ध केवल विनाश, पीड़ा और मानवता की क्षति लाता है, जबकि शांति, सह-अस्तित्व और सद्भाव ही मानव सभ्यता की वास्तविक शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक का उपयोग सदैव मानव कल्याण एवं विकास के लिए होना चाहिए, न कि विनाश के लिए। उन्होंने सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को शांति, प्रेम, सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित रहने तथा समाज में भाईचारे का वातावरण स्थापित करने का संकल्प भी दिलाया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं मार्गदर्शन में विद्यालय की शिक्षिकाएँ वीणा कुमारी एवं लक्ष्मी कुमारी तथा शिक्षक संदीप कुमार, आर. पी. वर्मा और सूर्यकांत मिश्रा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *