देवघर (शहर परिक्रमा)

पच्चीस सफल विद्यार्थियों को ‘योगमाया देवी इंस्पिरेशन अवार्ड’ की मिली उपाधि

देवघर: स्थानीय योगमाया मानवोत्थान ट्रस्ट के बैनर तले माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक परीक्षा 2025 के 25 सफल विद्यार्थियों को दीनबंधु उच्च विद्यालय स्थित रवीन्द्र सभागार में योगमाया ट्रस्ट के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव, मुख्य अतिथि रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर की महिला प्रतिनिधि ममता किरण, विशिष्ट अतिथि प्रगतिशील लेखक संघ, देवघर के अध्यक्ष प्रो. रामनंदन सिंह, दीनबंधु स्कूल के प्रधानाध्यापक काजल कांति सिकदार, समाजसेवी सुमन सौरभ, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की छात्रा आयुषी अन्या, आशुतोष बालिका उच्च विद्यालय, रोहिणी के प्रधानाध्यापक अमित कुमार दुबे एवं राजस्थान निवासी ई. पूनम तिवारी के हाथों पुरस्कृत किया गया। ज्ञात हो 60 से 79.99 प्रतिशत प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को यह पुरस्कार दिया गया।

प्राप्त सूची के मुताबिक प्रस्तावित उच्च विद्यालय, बामनडीहा के आदित्य कुमार को 61.6 प्रतिशत, जसीडीह संत फ्रांसिस स्कूल के कुमार ऋषभ को 70.4 प्रतिशत, आशुतोष विद्यालय की दीक्षा ओझा को 68.2 प्रतिशत, श्रुति कुमारी को 70 प्रतिशत, खुशी कुमारी को 74 प्रतिशत, साक्षी केशरी को 76 प्रतिशत, कुमारी रम्भा श्री को 74 प्रतिशत, तन्नू कुमारी को 78.4 प्रतिशत, सभ्यता कुमारी को 67.6 प्रतिशत, प्रीति कुमारी को 60 प्रतिशत, रुक्मिणी कुमारी को 67.6 प्रतिशत, रुक्मणि कुमारी को 64.8 प्रतिशत, रामेश्वर लाल सर्राफ उच्च विद्यालय के आयुष कुमार को 78 प्रतिशत, बारहवीँ बोर्ड में ए. एस. कॉलेज की अर्चना कुमारी को 73.4 प्रतिशत, देवघर महाविद्यालय के अभिषेक कुमार एवं पीयूष कुमार साह को क्रमशः 75.2 एवं 77 प्रतिशत, रमा देवी बाजला महिला महाविद्याल की परी गुप्ता को 76.8 प्रतिशत, रानी गुप्ता को 77.6 प्रतिशत, दिव्यांका साह को 75.8 प्रतिशत, सोहानी साह को 76.2 प्रतिशत, आकांक्षा साह को 78.2 प्रतिशत, अंजलि केशरी को 74.2 प्रतिशत, पी. एम. श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय, रिखिया, जसीडीह की आयुषी संतोषी को 72 प्रतिशत, एस. एस. प्लस टू हाई स्कूल, मोहनपुर हाट की पायल कुमारी को 78 प्रतिशत, तक्षशीला विद्यापीठ की जिया को 67.6 प्रतिशत अंक प्राप्त हेतु यह सम्मान प्रदान किया गया।

मौके पर ममता किरण ने कहा- अगर आप सफल होना चाहते है, तो अपने अंदर की प्रतिभा को पहचानिए। डॉ. देव ने कहा- सोचने में अपना समय व्यर्थ मत कीजिए, अभी अपना कार्य प्रारंभ कर दें। प्रो. सिंह ने कहा- सफलता का कोई मंत्र नहीं है, यह तो सिर्फ परिश्रम का फल है। श्री सिकदार ने कहा- शिक्षक केवल सफलता का रास्ता बता सकता है, लेकिन उस रास्ते पर चलना आपको ही पड़ेगा। सुमन जी ने कहा- सफलता का रास्ता विफलता के रास्ते से होकर ही गुजरता है। आयुषी ने कहा- जिस प्रकार सूर्य स्वयं जलकर प्रकाश फैलाता है, उसी प्रकार अथक प्रयास से ही सफलता हासिल होती है। अमित जी ने कहा-लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपने रास्ते खुद बनाएं, दूसरों के रास्ते पर न चलें। शिक्षक अशोक कुमार साह, विज्ञानविद देवेंद्र चरण द्वारी, छात्रा चाहत पिया ने भी अपनी-अपनी बातें रखी।