ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 10 छात्रों को मिला चेक व मेरिट सर्टिफिकेट
डीएवी पब्लिक स्कूल झुमरी तिलैया, कोडरमा में विद्यालय की प्रातः कालीन प्रार्थना सभा में अभिभावकों की गौरवमयी उपस्थिति में विद्यालय के प्राचार्य ने हिंदुस्तान ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को चेक एवं मेरिट सर्टिफिकेट प्रदान किया।
जानकारी हो कि हिंदुस्तान ओलंपियाड का आयोजन सत्र 2024 -25 में दिसंबर महीने में हुआ था। इसमें विद्यालय के 35 प्रतिभागी परीक्षा में सम्मिलित हुए थे। इन प्रतिभागियों में पांच ने ₹ 3100/- का चेक, तीन ने 2100- का चेक तथा दो बच्चों ने ₹1100/- का चेक एवं प्रमाण पत्र प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता में सत्यम राज 4 बी ,तन्मय सिंह 5 बी, प्रिंस कुमार 9 सी ,उदय शंकर यादव 10 बी, जिज्ञासा रानी 10 ए ने ₹3100 का चेक, श्रेष्ठ वर्मा 8 बी, अरात्रिका सिन्हा 10 ए , अरुनेष रंजन 11 साइंस ने 2100/-का चेक तथा श्रेया विश्वकर्मा 4 बी, प्रिये लक्ष्मी 10 बी ने ₹1100 का चेक प्राचार्य महोदय के कर कमलों से प्राप्त कर खुशी जाहिर की ।
प्राचार्य ने सभी बच्चों को चेक एवं मेरिट सर्टिफिकेट प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की ।बच्चों की इस सफलता पर अभिभावकों, शिक्षक- शिक्षिकाओं एवं बच्चों ने करतल ध्वनि से स्वागत करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया ।
मौके पर विद्यालय के प्राचार्य कृष्ण कुमार सिंह ने कहा कि सफलता एक दिन में नहीं बल्कि निरंतर संघर्ष से मिलती है । इसी सोच को साकार करते हुए हमारे विद्यालय के 10 प्रतिभाशाली छात्रों ने हिंदुस्तान ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय एवं अपने अभिभावकों का नाम रोशन किया। हिंदुस्तान ओलिंपियाड छात्रों को एक दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए एक बड़ा मंच प्रदान करता है। इस तरह की परीक्षाएं छात्रों को उनका ध्यान केंद्रित करने की क्षमता और स्मरण शक्ति को बेहतर बनाती है । इस तरह के छात्र अपने शैक्षणिक जीवन में बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं । प्रतियोगी परीक्षाएं बच्चों को सीखने तथा लीक से हटकर प्रतिभा को निखारने में मदद करती है ।बच्चों की सफलता हम सबके लिए बड़े ही गौरव की बात है। प्राचार्य ने बच्चों के सर्वांगीण विकास में हिंदुस्तान ओलिंपियाड की भूमिका की सराहना की। उन्होंने हिंदुस्तान ओलिंपियाड के कोऑर्डिनेटर विद्यालय के साइंस शिक्षक मनोज कुमार सिंह के परिश्रम, बच्चों के दिशा -निर्देशन एवं समर्पण की सराहना की । उन्होंने कहा कि हमें इसी तरह बच्चों को अभिप्रेरित करना चाहिए जिससे वे हर क्षेत्र में अपनी अनूठी पहचान बना सकें।

