डीएवी कोडरमा के बच्चों ने रेनी डे क्रॉफ्ट बनाकर अपनी प्रतिभा का किया प्रदर्शन
कोडरमा: डीएवी पब्लिक स्कूल झुमरी तिलैया में पाठ्य सहगामी क्रियाकलापों के अंतर्गत किड्स वर्ग के नन्हें-मुन्ने बच्चों ,सब जूनियर, जूनियर एवं सीनियर वर्ग के बच्चों ने रेनी डे क्राफ्ट प्रतियोगिता में अपनी रचनात्मक एवं कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

इसमें एल के जी से दूसरी कक्षा के बच्चों ने रंगीन एवं सफेद कागजों से बादल, नाव, रेन, हाउस, अंब्रेला ,फ्रॉग आदि कला-कृतियों के द्वारा अपनी क्रिएटिविटी प्रदर्शित किया। इसमें यूकेजी के अर्शया अर्नव, पहली कक्षा की सानिया सोनी एवं दूसरी कक्षा के निहाल मेहता ने प्रथम स्थान, एल केजी के संपूर्ण राजपूत, पहली कक्षा के मुदित्य राज, द्वितीय कक्षा के अंशराज,पुनीत कुमार ने द्वितीय स्थान एवं तृतीय स्थान पर यूकेजी की अनीशा, दूसरी कक्षा के रियांश और आरव राज रहे। इस प्रतियोगिता में बच्चों का मार्गदर्शन श्वेता सिंह, लक्की पाठक, शिल्पी एवं कृती कुमारी ने किया। तीसरी से 11वीं कक्षा के बच्चों ने रेनी डे क्राफ्ट में इमेज आर्ट, वेजिटेबल पेंटिंग, रेनबो, बटरफ्लाई, फुट पेंटिंग, कोलाज, रेनी सीजन सीनरी, रेनकोट, 3D क्लाउड आदि को बनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसमें जूनियर ग्रुप के बच्चों में अवंतिका कुमारी 3 ए प्रथम स्थान, नैंसी कुमारी 5 सी, अनाया तहरीन 3 बी ने द्वितीय स्थान,श्रेया विश्वकर्मा 4 बी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

सब जूनियर ग्रुप में आरोही गुप्ता 6 ए राजाराममोहन राय सदन ने प्रथम स्थान, अनुष्का गुप्ता 6 बी दयानंद सदन, कुमुद सिंह 6 ए रामकृष्ण सदन ने द्वितीय स्थान, स्वेता सिंह दयानंद सदन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सीनियर वर्ग में नंदिनी कुमारी 9 डी विवेकानंद सदन ने प्रथम स्थान, रिया कुमारी 11 कॉमर्स रामकृष्ण सदन ने द्वितीय स्थान एवं श्वेता राज 9 सी दयानंद सदन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इन प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका विदिशा कुमारी, लक्ष्मी गुप्ता एवं कृति कुमारी ने निभाई।

मौके पर विद्यालय के प्राचार्य कृष्ण कुमार सिंह ने रेनी डे क्राफ्ट प्रतियोगिता में बच्चों की रचनात्मक एवं कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन देखकर कहा कि विद्यालय के बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ हर क्षेत्र में अपनी क्रिएटिविटी का प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे बच्चों को अपने जीवन के हर क्षेत्र में टैलेंट दिखाने का अवसर प्राप्त होगा। बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करना चाहिए । इस तरह की गतिविधियों से बच्चों में रचनात्मकता एवं कल्पनाशीलता को बढ़ावा देने में मदद मिलती है। इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों की भावनात्मक, सामाजिक एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण आयाम देती हैं । इससे बच्चों के अंदर की छिपी एवं दबी हुई प्रतिभा निकल कर बाहर आती है। जब बच्चे आपसी सहयोग से मिलकर कुछ क्रियाकलाप करते हैं तब उनकी भावनाओं एवं विचारों को एक दूसरे से साझा करने में मदद मिलती है। हमें बच्चों का उचित दिशा में मार्गदर्शन करना चाहिए। सीसीए का सफल संचालन सीसीए इंचार्ज पी बी खड़ंगा के दिशा -निर्देश एवं मार्गदर्शन में हुआ।


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