बंग्ला सावन की पहली सोमवारी 21 को… नेपाल, असम व प.बंगाल के श्रद्धालु का आना शुरू
देवघर: वैसे तो विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 11 जुलाई से प्रारंभ हो चुका है। वहीं 17 जुलाई गुरुवार को पड़े संक्रांति ने मेला में चार चांद लगाने का कार्य किया है। बताते चलें कि पवित्र सावन मास में पड़ने वाले संक्रांति से बंगला सावन की शुरुआत होती है। इसमें खासकर पश्चिम बंगाल के अलावे आसाम व नेपाल के अधिकाधिक शिवभक्त कांवरिये बाबा पर जलार्पण करने देवघर आएंगे।

इस संदर्भ में स्थानीय पुरोहित हरलाजोडी निवासी बाल्मीकि झा उर्फ गुड्डू पंडा ने जानकारी देते हुए बताया कि चूंकि देवघर पश्चिम बंगाल का निकटवर्ती क्षेत्र रहा है। इस वजह से बंगला सावन संक्रांति के साथ ही देवघर में स्थानीय स्तर पर सावन मास का प्रारम्भ माना जाता है। इस दिन से ही पुरोहित समाज मंदिर परिसर में बिल्वपत्र प्रदर्शनी का भी आयोजन करते हैं। वहीं समूचे देश भर से आने वाले कांवरिये बाबाधाम आएंगे। इस बीच शनिवार से आनेवाले कांवरियों की संख्या में तेजी देखी जाने लगी है। वैसे सावन के दस दिन पूरे होने को है। जिला प्रशासन भी अपनी ओर से देवघर आनेवाले शिवभक्तों को सुगमतापूर्वक जलार्पण कराने का कार्य करती आ रही है। वहीं शिवभक्तों से भी बेहतर अनुभव होने की बात सुनी जा रही है।
संवाददाता: शम्भूनाथ सहाय

