देवघर (शहर परिक्रमा)

भारत विकास परिषद, देवघर शाखा ने कांवरिया सेवा शिविर में दिशोम गुरु को दिया श्रद्धांजलि

भारत विकास परिषद, देवघर शाखा ने आज शाम अपने श्रावणी मेला सेवा शिविर में दिशोम गुरु वीर शिबू सोरेन को नमन करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि दिया।

शाखा अध्यक्ष आलोक मल्लिक ने गुरु जी को स्मरण करते हुए कहा कि वे एक युग पुरोधा थे जिनका अवसान एक युग का अंत है। उनके जाने से झारखण्ड के आंदोलनकारी चरित्र में एक शून्यता आ गई। महाजनी प्रथा के विरुद्ध बिगुल फूंकने के बाद वे झारखंड अलग राज्य निर्माण के लिए जन आंदोलन की नींव रखी और झारखंड के जनक के रूप में पहचाने गए। “आदो बाबुन बतावा झारखंड राज बुन हतावा” नारे के साथ एक विशाल जन आंदोलन को नेतृत्व किया। राज्य की आदिम जनजातियों की दशा और दिशा बदलने में अपना पूरा जीवन न्योछावर कर दिया। तभी तो वे दिशोम गुरु कहलाए और इसी नाम से पूरे देश में प्रतिष्ठा पाई। इस अवसर पर सचिव कंचन शेखर सिंह, कोषाध्यक्ष एस. पी. भुईयां बिलास, संपर्क प्रमुख अभय कुमार, संजय कुमार बंका, अजय कुमार, रूपा केशरी, रश्मि कुमारी, मंटू कुमार सिंह, दिवाकर चौधरी, रूपेश कामती सहित कई लोग मौजूद थे।
साथ ही भारत विकास परिषद द्वारा जानकारी दी गई कि भारत विकास परिषद, देवघर शाखा द्वारा शिवगंगा तट (नेहरू पार्क गेट) में निःशुल्क श्रावणी मेला सेवा शिविर लगाया गया है। 11 जुलाई से आरम्भ किए गए इस सेवा शिविर में प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक प्राथमिक चिकित्सा सेवा एवं दवा वितरण, शुद्ध पेयजल तथा फल वितरण की सेवा अनवरत दी जा रही है। अब तक भारत विकास परिषद के सेवा शिविर में 19920 बोल बम श्रद्धालुओं की सेवा की जा चुकी है।