देवघर (शहर परिक्रमा)

बच्चों की सफलता ही शिक्षक के लिए सबसे बड़ा उपहार: अमित कुमार सिंह

शिक्षक दिवस का अर्थ यह नहीं होता है कि बच्चे अपने शिक्षक या वर्ग शिक्षक के लिए महँगा और अच्छा उपहार लाकर देl
शिक्षक अमित कुमार सिंह का कहना है कि
शिक्षक दिवस मनाने का उद्देश्य यह होना चाहिए कि बच्चे अपने शिक्षक के बताए हुए मार्ग पर चलकर सफलता प्राप्त करें l एक अच्छे शिक्षक बच्चों के लिए आदर्श तभी हो सकते हैं जब वह बच्चों को पाठ पढ़ाते समय इस पर ध्यान केंद्रित करें कि बच्चे हमारी बातों को शत- प्रतिशत अपने दिमाग में उतार लें।

मैं उदाहरण के तौर पर पटना के खान सर को लेता हूं जो अपने विद्यार्थियों को कहते हैं कि कोई मेरा पढ़ाया हुआ भूल कर तो दिखा दे l उनकी भाषा इतनी सरल है कि बच्चे आसानी से किसी भी विषय को समझ जाते हैं। अतः एक शिक्षक का यह कर्तव्य है कि वह बच्चे को ऐसी भाषा में समझाने की कोशिश करे जिससे बच्चे खुशी-खुशी और खेल-खेल में विषय को समझ जाए। एक अच्छा शिक्षक वही होता हैं जो अपने विद्यार्थियों को एक पिता- माता की तरह प्यार से और एक दोस्त की तरह उसे विषय को समझाए।अगर विद्यार्थियों को समझाने के लिए एक शिक्षक को किसी दूसरे कैरेक्टर जैसे कि सिंगर, नर्तन या नायक का अभिनय ही क्यों न करना पड़े, करना चाहिए ताकि बच्चे को पूरी तरह से संतुष्ट करें, उसे समझा दे।

अगर कोई मृत्यु के बाद भी जीवित रहता है तो वह है शिक्षक जिन्हें कई पीढियों तक याद किया जाता हैl एक शिक्षक को तो मरणोपरांत भी उपहार मिलता रहत हैं वह उपहार है सम्मान का वह गिफ्ट है कि लोग अपने घर के बच्चों से, पड़ोसी और रिश्तेदारों से एक अच्छे शिक्षक की हमेशा चर्चा करते हैंl
मैं अंत में कहना चाहूंगा कि अगर अपने शिक्षक को कुछ गिफ्ट ही देना चाहते हो तो शिक्षक दिवस के अवसर पर एक संकल्प लो कि अपने शिक्षक के बताए हुए मार्ग पर चलकर सफलता को हासिल करो l

लेखक अमित कुमार सिंह डीएवी, कास्टर टाउन के शिक्षक हैं