देवघर (शहर परिक्रमा)

संदीपनी पब्लिक स्कूल में समारोह पूर्वक मनाया गया शिक्षक दिवस

देवघर: झौसागड़ी दुःखी साह रोड स्थित, संदीपनी पब्लिक स्कूल में शिक्षक दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों की छुट्टी कर दी गई थी, जबकि वरिष्ठ कक्षाओं के विद्यार्थियों ने पूरे आयोजन का संचालन किया।

   कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्या कंचन मूर्ति द्वारा सभी शिक्षकों के साथ मिलकर महान शिक्षाविद, दार्शनिक एवं भारत के द्वितीय राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की तस्वीर पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत बच्चों ने भावपूर्ण गुरु वंदना प्रस्तुत की।

    समारोह को और अधिक रोचक बनाने हेतु विद्यार्थियों ने शिक्षकों के लिए समूहवार मनोरंजक खेलों का आयोजन किया। इन खेलों के माध्यम से शिक्षकों ने टीम भावना, प्रेजेंस ऑफ माइंड तथा आपसी समन्वय का बच्चों ने बखूबी प्रशिक्षण  लिया। खेलों में गीतों की धुन पहचानने का ‘गेस द सॉन्ग’ खेल विशेष रूप से सभी को आनंदित कर गया। साथ ही आधुनिक दौर के बच्चों ने शिक्षकों की मिमिक्री कर माहौल को हंसी-खुशी से भर दिया।
    छोटे-छोटे स्कील के द्वारा सभी बच्चे मिलकर शिक्षकों की नकल उतारते रहे और शिक्षकों को गुदगुदाते रहे। शिक्षक की भूमिका अंकित पाल और राज रोशन ने तथा शिक्षिका की भूमिका प्रिंसी कुमारी ने निभाई और अन्य सभी बच्चों ने छात्र-छात्राओं की भूमिकाएं निभाई।
      प्राचार्या कंचन मूर्ति ने अपने संबोधन में सभी शिक्षकों के समर्पण और योगदान के प्रति हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।
    उन्होंने कहा कि प्राचीन काल के गुरु केवल ज्ञान ही नहीं, अपितु संस्कार भी देते थे। आज भी सच्चा शिक्षक वही है जो विद्यार्थियों में सीखने की इच्छा जगाकर उनके व्यक्तित्व और संस्कारों को निखारता है। ऐसे ही शिक्षक गुरु के रूप में प्रतिष्ठित होते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों को “शिक्षक से बढ़कर गुरु बनने” की प्रेरणा दी और विद्यार्थियों को अनुशासन का पालन करते हुए माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करने की सीख दी। साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना भी की।
   सभी विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह से मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया। वहीं कार्यक्रम का संचालन दीक्षा कुमारी ने किया तथा भाषण श्रीका कुमारी एवं राजीव कुमार ने दिया।