देवघर (शहर परिक्रमा)

मुझे कोई चुनाव नहीं लड़ना है, बच्चों की खुशी में ही मेरी खुशी है: डॉ. सुनील खवाड़े

देवघर: आज शंकर टॉकिज में मल्हारा हाई स्कूल के बच्चों को जादूगर सिकंदर के जादू शो दिखाने के क्रम में डॉ. सुनील खवाड़े ने कहा कि बच्चों की खुशी में ही उनकी खुशी है। बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाकर ऐसा अहसास होता है कि महेशमारा स्कूल के बच्चों ने जादू नहीं देखा, बल्कि मेरे खुद के बच्चों ने जादू देखा है। जादू देखकर बच्चे जितने आनंदित नहीं होते, जादू दिखा कर मैं उनसे ज्यादा खुश होता हूं। इसके पीछे मेरा कोई उद्देश्य नहीं है और न ही मुझे कोई चुनाव लड़ना है। बस, बच्चों की खुशी देख कर मुझे आंतरिक खुशी मिलती है। इसलिए कभी उनके साथ खेल लेता हूं तो कभी फिल्म और जादू देख लेता हूं। तनाव भरी इस जिंदगी में अगर मेरे छोटे से प्रयास से कुछ घंटों के लिए बच्चे आनंद की अनुभूति करते हैं तो उससे बड़ी खुशी मेरे लिए कुछ और नहीं है। क्योंकि पढ़ाई से बच्चे कई बार बोझिल हो जाते हैं। शहर में खेल का ढंग का मैदान तक नहीं है। ऐसे में बच्चों का मनोरंजन कैसा होगा। इसलिए मेरा हमेशा प्रयास रहता है कि स्कूली बच्चों को खेल से जोड़े, ताकि उनका शारीरिक और मानसिक विकास हो सके।

उन्होंने आगे कहा कि इस इलेक्ट्रॉनिक दुनिया में जादू की कला विलुप्त होने के कगार पर है। लेकिन जादूगर सिकंदर और उनके जैसे लोग इस कला को बचा कर रखे हैं। हमारे शहर में जादूगर सिकंदर आए हैं तो उनका सहयोग होना ही चाहिए। बच्चों को जादू दिखा कर एक तो उनका मनोरंजन हो जाता है और विलुप्त होती जादू की कला को बचाने में भी कुछ सहयोग कर देता हूं। इसलिए देवघरवासियों से अपील है कि टिकट लेकर जादू को शो अवश्य देखें, ताकि विलुप्त होती जादू की कला को जिंदा रखा जा सके।