डॉ. नीलाचला साहू स्मृति प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागी सुंदरवन में होंगे पुरस्कृत
देवघर: स्थानीय साइंस एंड मैथमेटिक्स डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन तथा राजगंगपुर, ओड़िशा स्थित नीलाचला फाउंडेशन के युग्म बैनर तले पश्चिम बंगाल स्थित सुंदरवन में आगामी 21, 22 एवं 23 नवंबर को आयोजित होने वाले 12वीँ अंतर्राष्ट्रीय सम्मान समारोह में हाल में आयोजित, डॉ. नीलाचला साहू स्मृति प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागी सुंदरवन के सभागार में पुरस्कृत होंगे।

जानकारी के अनुसार, मोहन राकेश एवं डॉ. नीलाचला साहू के योगदान शीर्षक निबंध प्रतियोगिता में देवघर के उत्तम कुमार सिन्हा को प्रथम, विकास कुमार केशरी को द्वितीय एवं सुरेन्द्र यादव को तृतीय, मार्गेरेट हिलडा थाचेर एवं डॉ. नीलाचला साहू के योगदान, शीर्षक निबंध प्रतियोगिता में देवघर की गृहिणी प्रियांशु प्रिया एवं अर्चना केशरी को क्रमशः प्रथम व द्वितीय जबकि सारिका रानी को तृतीय, वैज्ञानिक एम. एस. स्वामीनाथन एवं डॉ. नीलाचला साहू के योगदान शीर्षक निबंध प्रतियोगिता के ग्रुप बी में स्थानीय ए.एस. कॉलेज की छात्रा शिवांगी केशरी को प्रथम, गीता देवी डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल के हर्ष कुमार को द्वितीय जबकि पश्चिम बंगाल की नंदिनी बनर्जी को तृतीय, इसी शीर्षक के ग्रुप सी में देवघर निवासी, प्रयाग संगीत समिति, इलाहबाद के छात्र ऋषि राज को प्रथम, विज़न आईएएस, दिल्ली के छात्र देवघर निवासी प्रियांशु कुमार को द्वितीय जबकि ए.एस. कॉलेज के छात्र शिवांश केशरी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है। ग्रुप ए रंगभरो प्रतियोगिता में डीएवी के छात्र आर्यन आर्य को प्रथम, यूनिक कैरियर पब्लिक स्कूल, पोड़ैयाहाट, गोड्डा की शानवी शशि को द्वितीय जबकि संत फ्रांसिस स्कूल, जसीडीह की आराध्या प्रिया को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है।
ज्ञात हो कि डॉ. नीलाचल साहू रिफ्रैक्टरी और सिरेमिक के क्षेत्र में एक अंतरराष्ट्रीय हस्ती थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन रिफ्रैक्टरी, सिरेमिक और संबंधित सामग्रियों पर अनुसंधान और विकास के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने त्रिशूल, पृथ्वी और नाग मिसाइलों के लिए सिरेमिक रेडोम के विकास के लिए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के साथ मिलकर काम किया, जो उस समय (1985-1988) हैदराबाद स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला के निदेशक थे। डॉ. साहू मेसर्स ओसीएल इंडिया लिमिटेड, राजगांगपुर, ओडिशा के रिफ्रैक्टरी प्रभाग में प्रौद्योगिकी और अनुसंधान एवं विकास प्रमुख थे। वे जून 2011 से जुलाई 2016 तक डालमिया वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान संस्थान के निदेशक रहे। उस दौरान माननीय पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने इस संस्थान का दौरा किया था। डॉ. एन. साहू ने 45 रिफ्रैक्टरी उत्पाद और प्रक्रियाएँ विकसित की हैं जिनका व्यावसायीकरण किया जा चुका है और जिनमें से 27 का पेटेंट कराया जा चूका है।

