देवघर (शहर परिक्रमा)

पंडित प्रदीप मिश्रा ने ‘शिवमहापुराण कथा’ शुरू होने के पूर्व क्या कहा? जरूर पढ़ें

दिनांक 14.11.25 से 20.11.25 तक कोठिया में ‘शिवमहापुराण कथा’ शुरू होने के पूर्व आज पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।
   प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि

👉मेरे लिए गर्व का विषय है कि जहाँ माँ गंगा बाबा बैद्यनाथ के चरणों में अर्पित होती हैं वहाँ मैं महापुराण कथा का वाचन करने आया हूं।

👉यहाँ बाबा बैद्यनाथ स्वयं माँ जगदम्बा के साथ विराजमान हैं और वही इस महायज्ञ के मुख्य जजमान हैं।

👉मैं देवघर नहीं आया बल्कि बाबा बैद्यनाथ ने बुलाया है।

उन्होंने भक्तों से आग्रह किया कि-

👉कोई भी कीमती सामान लेकर पंडाल में न आएं।

👉बीमार व्यक्ति पंडाल ना आकर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम यथा टीवी, ऑनलाइन माध्यम इत्यादि से कथा सुनें।

उन्होंने भगवान और उनके मंदिर की महत्ता बताते हुए कहा कि-

👉गाय के नस नस में दूध है लेकिन दूध निकलने का स्थान थन है, उसी प्रकार भगवान कण-कण में विराजमान हैं लेकिन कृपा पाने का स्थान मंदिर है।

👉एक लोटा जल और सारी समस्याओं का हल।

भक्तों के लिए सन्देश- हमें सुनने से पहले शिव महापुराण की कथा पढ़ लें ताकि ताकि महापुराण कथा बेहतर से समझ आए।

     इसके पूर्व झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा देवघर में ऐतिहासिक ‘शिवमहापुराण कथा’ के आयोजन पर समस्त प्रदेशवासियों और आयोजकों का ‘जोहार’ से  अभिवादन कर शुभकामनाएं प्रेषित किया गया वहीं शासनाधिकरियों से सारी व्यवस्था की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए हैं।
     मुख्यमंत्री ने सुनिश्चित किया है कि झारखंड सरकार में पर्यटन, कला, संस्कृति, खेल और युवा मामले; शहरी विकास और आवास; और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार इस कथा में रविवार को भाग लेकर सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे।
      विट्ठलेश सेवा समिति, देवघर के अध्यक्ष एस. के. तिजारावाला ने बताया कि मुख्यमंत्री ने झारखंड प्रदेश के 25वें वर्ष (रजत पर्व) के समसामयिक इस दिव्य कथा को प्रदेशवासियों के लिए कल्याणकारी और संभावनाओं से समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करने वाला बताया है ।