स्थानीय इतिहासकार उमेश कुमार की नई किताब वतनपरस्त भाग-1 का लोकार्पण
देवघर: दिनांक 17 नवंबर, 2025 को झारखण्ड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण एवं जल संसाधन मंत्री हफीजुल हसन के मधुपुर स्थित आवास पर स्थानीय इतिहासकार एवं ‘झारखण्ड शोध संस्थान’ के सचिव उमेश कुमार की नई किताब ‘वतनपरस्त’ भाग-1 (वैद्यनाथ की शहीद विभूति) का लोकार्पण उन्हीं के कर कमलों से सम्पन्न हुआ। ज्ञातव्य है कि इस किताब का सबसे पहला प्रकाशन सन् 2005 में हुआ था। इस बार इसके नये संशोधित संस्करण का प्रकाशन झारखण्ड सरकार के पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग द्वारा ‘झारखण्ड शोध संस्थान’ को प्रदत्त वित्तीय सहायता अनुदान के माध्यम से हुआ है।

किताब का लोकार्पण करते हुए मंत्री हफीजुल हसन ने कहा कि ‘वतनपरस्त’ किताब देवघर के शहीदों की साझी विरासत की अमर गाथा है जिसके लिए लेखक उमेश कुमार बधाई के पात्र हैं। मुझे उम्मीद है कि इससे नयी पीढ़ी को वतनपरस्ती की प्रेरणा मिलेगी।
लेखक उमेश कुमार ने कहा कि उन्होंने सिर्फ ऐतिहासिक घटनाओं का उल्लेख मात्र नहीं किया है, बल्कि शहीदों के चिंतन के मनोवैज्ञानिक पहलुओं को भी समझने का प्रयास किया है। इस किताब में 1857 की क्रांति के शहीद सलामत अली, अमानत अली, शेख हारून के साथ 1908 के डिगरिया पहाड़ बम काण्ड के शहीद प्रफुल्ल चंद्र चक्रवर्ती, 1942 के आंदोलन में जान कुर्बान करनेवाले अशर्फी लाल कसेरा, त्रिगुणानंद खवाड़े, नज्जू राउत, अयोध्या राउत और फिरंगी पलटन की गोली से एक हाथ गंवाने वाले वीर सपूत पूर्णेंदु बोस का वर्णन है। इसके साथ ही, उनकी मानसिक उधेड़बुन के साथ उस दौर की जटिलताओं को समझने का सचेत प्रयास भी है आशा है, युवाओं को इसकी पठनीयता पुलकित और प्रेरित करेगी।
‘झारखण्ड शोध संस्थान’ के वरिष्ठ सदस्य प्रो. रामनंदन सिंह ने कहा कि आज के व्यस्त और प्रैक्टिकल जीवन में भूले-बिसरे शहीदों को सामने लाना जरूरी है। हम लोग संस्थान के माध्यम से क्षेत्रीय इतिहास का यही अधूरा काम पूरी प्रखरता से कर रहे हैं।
समाजसेवी और जेएमएम के नेता सुरेश साह ने कहा कि देवघर के इतिहास के पुनर्लेखन के लिए स्थानीय इतिहासकार उमेश कुमार के प्रयासों को एक सशक्त मंच देना जरूरी है। ‘इतिहासघर’ का उनका सपना पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
समारोह में अरविंद कुमार, शत्रुघ्न प्रसाद, महेश मिश्रा, फैयाज कैसर, कन्हैया लाल कन्नू, बबलू यादव, राशिद खान, अनुज कुमार सिन्हा तथा अन्य अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।

