कोडरमा (शहर परिक्रमा)

डीएवी कोडरमा में मानवाधिकार दिवस पर बच्चों को साक्षर बनाने का प्रेरक एवं सराहनीय पहल

10 दिसंबर को डीएवी पब्लिक स्कूल, झुमरी तिलैया, कोडरमा में मानवाधिकार दिवस के अवसर पर एक प्रेरणादायक एवं व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विद्यालय के सक्रिय लीगल लिटरेसी क्लब के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रति सजग एवं जागरूक बनाना था।

इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी, कोडरमा के सचिव गौतम कुमार तथा लीगल एवं डिफेंस काउंसिल, कोडरमा के नवल किशोर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विद्यालय आगमन पर दोनों अतिथियों का वैदिक परंपरा के अनुरूप तिलक, स्वागत गीत एवं पुष्पाभिवादन के साथ आत्मीय स्वागत किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों, विद्यालय के प्राचार्य श्री कृष्ण कुमार सिंह, सुपरवाइजरी हेड मौसुमी मल्लिक एवं वरिष्ठ शिक्षक कुमार सतीश सिंह द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य ने अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया।

अपने ज्ञानवर्धक एवं प्रेरक उद्बोधन में मुख्य अतिथियों ने छात्रों को मानवाधिकारों के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि अधिकारों के साथ कर्तव्यों का निर्वहन भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अधिकारों का प्रयोग सदैव न्याय, मर्यादा और उत्तरदायित्व के साथ होना चाहिए तथा किसी भी परिस्थिति में उनका दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए।

विद्यालय का लीगल लिटरेसी क्लब समय–समय पर बुजुर्गों के अधिकार, बाल विवाह उन्मूलन, सड़क सुरक्षा, मौलिक अधिकार–कर्तव्य एवं मानवाधिकार जैसे समसामयिक विषयों पर निरंतर सार्थक गतिविधियाँ आयोजित करता रहा है। इसी क्रम में छात्रों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम अत्यंत प्रभावशाली रहे।

छात्रा निशा, उत्कर्ष एवं उनके समूह द्वारा प्रस्तुत प्रभावशाली लघु नाटक ने मानवाधिकारों के महत्व को सजीव ढंग से प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से “नारी अबला नहीं, सबला है” तथा नारी शिक्षा के सामाजिक महत्व का सशक्त संदेश दिया गया।
इसके अतिरिक्त, छात्रा माशिया मीर ने मानवाधिकारों के विभिन्न पहलुओं पर अंग्रेज़ी में प्रभावशाली भाषण देकर सभी को अत्यंत प्रभावित किया। कार्यक्रम के दौरान आयोजित ज्ञानवर्धक क्विज़ प्रतियोगिता में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी जागरूकता का परिचय दिया।

मुख्य अतिथियों गौतम कुमार एवं नवल किशोर ने छात्रों की जागरूकता, मंच प्रस्तुति एवं समझदारीपूर्ण विचारों की भूरि–भूरि प्रशंसा की। उन्होंने संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों एवं निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को जिम्मेदार, संवेदनशील एवं जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर छात्रों को अधिकारों से संबंधित पर्चा–पत्र भी वितरित किए गए।

कार्यक्रम का समापन इस सशक्त संदेश के साथ हुआ कि प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार है, और इन अधिकारों की रक्षा करना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।

अंत में विद्यालय के प्राचार्य कृष्ण कुमार सिंह ने मुख्य अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मार्गदर्शन विद्यार्थियों के लिए पथप्रदर्शक सिद्ध होगा और इससे छात्र अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति और अधिक सजग बनेंगे।
धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ शिक्षक कुमार सतीश सिंह द्वारा प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में दिनेश कुमार दुबे, जयदेव आचार्य एवं सोनल केशरी का विशेष योगदान रहा।