देवघर (शहर परिक्रमा)

3 क्लीनिक व डायग्नोस्टिक सेंटर को नोटिस

देवघर: नगर आयुक्त के निर्देश पर आज नगर निगम की गठित विशेष टीम—सभी सेनेटरी इंस्पेक्टर सह फूड इंस्पेक्टर एवं सेनेटरी सुपरवाइजर—द्वारा शहर के विभिन्न क्लीनिक और डायग्नोस्टिक सेंटरों का व्यापक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान टीम ने साफ-सफाई, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच की।

    जांच के क्रम में डॉ. नेहा प्रिय क्लीनिक, डॉ. मंजरी सिंह क्लीनिक तथा Hope Diagnostic Centre में गंभीर अनियमितताएं पाई गई। टीम को प्रमाण मिले कि इन संस्थानों के द्वारा उत्पन्न बायोमेडिकल वेस्ट को सड़क पर फेंका जा रहा था, जो कि नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करता है।

क्लीनिक एवं डायग्नोस्टिक सेंटर द्वारा इस प्रकार से बायोमेडिकल वेस्ट रखा जा रहा है

   निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि इन संस्थानों में बायोमेडिकल वेस्ट कंटेनरों का उचित उपयोग बिल्कुल नहीं किया जा रहा था। टीम के पहुंचने पर जहां-जहां कंटेनर उपलब्ध थे, वे सभी खाली पाए गए। वहीं दूसरी ओर सभी प्रकार के कचरे—सामान्य कचरा, चिकित्सा अपशिष्ट एवं अन्य प्रदूषक—को बिना किसी छंटाई के मिलाकर सड़क किनारे फेंकने का कार्य किया जा रहा था। वहां मौजूद कर्मियों द्वारा नियमित रूप से कचरा सड़क पर डालने का वीडियो और प्रत्यक्ष साक्ष्य भी निगम टीम को प्राप्त हुआ।
    नगर निगम ने इस लापरवाही को अत्यंत गंभीर मानते हुए तीनों संस्थानों को औपचारिक नोटिस निर्गत किया है। साथ ही बायोमेडिकल वेस्ट नियम 2016 एवं नगर निगम अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत अर्थ दंड (जुर्माना) लगाया गया है। संबंधित संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि वे नोटिस प्राप्त करते ही निर्धारित जुर्माना तत्काल जमा करें एवं आगे से सभी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करें।
    बायोमेडिकल वेस्ट अधिनियम के तहत सभी क्लीनिक एवं डायग्नोस्टिक सेंटर को प्रतिदिन संबंधित बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण एजेंसी के द्वारा उठाव करवाना अनिवार्य है एवं इसका साक्ष्य भी अपने पास रखना अनिवार्य है ताकि जांच के क्रम में निगम के टीम  के सामने प्रस्तुत कर सके।