कोडरमा (शहर परिक्रमा)

डीएवी कोडरमा में स्वामी विवेकानंद जयंती पर राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया गया

कोडरमा: 12 जनवरी को डीएवी पब्लिक स्कूल, झुमरी तिलैया में युवाओं के आदर्श एवं प्रेरणास्रोत युग प्रवर्तक स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय प्रांगण में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिविल जज कोडरमा गौतम कुमार, विशिष्ट अतिथि के रूप में संपर्क प्रमुख भारत विकास परिषद एवं डायरेक्टर बचपन प्ले स्कूल धर्मेंद्र कुमार, चीफ़ लीगल एंड डिफेंस काउंसिल नवल किशोर, डिप्टी चीफ़ लीगल एंड डिफेंस काउंसिल किरण कुमारी तथा मेंबर ऑफ लीगल एंड डिफेंस काउंसिल अश्विनी शरण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की परंपरा अनुसार अतिथियों के तिलक एवं पुष्पगुच्छ से स्वागत के साथ हुआ। तत्पश्चात मुख्य अतिथि, प्राचार्य एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन किया गया।

प्राचार्य का संबोधन
विद्यालय के प्राचार्य कृष्ण कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी जी के विचार मानवता, राष्ट्र निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़े हुए हैं। उनका मानना था कि—
“उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।”
उन्होंने कहा कि स्वामी जी शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान नहीं बल्कि चरित्र निर्माण, आत्मनिर्भरता, अनुशासन व सेवा भावना मानते थे। वे युवाओं को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति व संपत्ति मानते थे।
नशा मुक्ति और युवाओं पर संदेश
मुख्य अतिथि गौतम कुमार ने अपने संबोधन में युवाओं से नशा व गलत संगति से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि—
“आज का युवा वर्ग देश का भविष्य है। नशा, मादक पदार्थों का सेवन तथा गलत संगति युवाओं के जीवन को दिशा से भटका देती है। स्वामी जी का जीवन हमें संयम, अनुशासन और राष्ट्र प्रेम सिखाता है।”
उन्होंने “एंटी-ड्रग अभियान” के तहत बच्चों को सशक्त, सकारात्मक एवं स्वस्थ जीवन की राह अपनाने की प्रेरणा दी।
विशिष्ट अतिथियों ने भी स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को आत्मसात करने पर बल दिया और कहा कि उनका जन्मदिन तभी सार्थक होगा जब युवा निडर, कर्मठ व अनुशासित बनकर समाज व राष्ट्र के विकास में योगदान दें।
सांस्कृतिक कार्यक्रम
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने स्वामी विवेकानंद के जीवन, विचारों और संदेशों को जीवंत किया। प्रमुख प्रस्तुतियाँ इस प्रकार रहीं—
अनुष्का गुप्ता (हिंदी) एवं अनाराध्या कश्यप (अंग्रेजी) द्वारा ओजस्वी भाषण
जैनब मीर द्वारा प्रेरणादायक कविता पाठ
अंतरा मुखर्जी द्वारा मनमोहक एकल बंगाली नृत्य
सिंघम, ऋतिक, देवांश, क्षितिज, आरव, सक्षम एवं श्रेयांश द्वारा शिक्षाप्रद नाटक, जिसमें स्वामी जी के आदर्शों व जीवन मूल्यों को दर्शाया गया
विद्यार्थियों द्वारा स्वामी जी के प्रेरक वचनों पर आकर्षक स्लोगन प्रदर्शन
आराध्या एवं यीशु द्वारा स्वदेश मंत्र प्रस्तुति
कार्यक्रम के पूर्व कक्षा VIII एवं IX के छात्रों ने प्रभात फेरी निकालकर स्वदेश मंत्र एवं नारे लगाते हुए गाँव में लोगों को राष्ट्र जागरण एवं नशा मुक्ति का संदेश दिया। मंच संचालन आभ्या श्री एवं श्रेष्ठा ने किया।
समापन व धन्यवाद
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा विद्यार्थियों को स्वामी जी के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक बलराम मिश्रा, अनिल कुमार व अन्य शिक्षकों का सराहनीय योगदान रहा।
धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक कुमार सतीश सिंह द्वारा किया गया।