देवघर (शहर परिक्रमा)

2047 तक भारत 40 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा: सिद्धार्थ रस्तोगी

देवघर: प्रख्यात अर्थशास्त्री सिद्धार्थ रस्तोगी ने कहा है कि भारत का द्रूत विकास वर्ष 2030-2057 तक होगा और हमारा देश वैश्विक अर्थव्यवस्था में प्रथम अथवा बहुत कम अंतर के साथ द्वितीय स्थान पर होगा। तब तक हम 40 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बन चुके होंगे।      

ज्ञात हो कि सिद्धार्थ रस्तोगी स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित “विकसित भारत 2047” विषय पर आयोजित परिचर्चा में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।

   उन्होंने कहा कि जनधन खाता, नोटबंदी तथा जीएसटी इन तीन आर्थिक सुधारों ने देश में जबरदस्त परिवर्तन लाया है। लेखक राजेश झा द्वारा लिखित पुस्तक “नोट बदली से नोटबंदी: भारत के आर्थिक महाशक्ति बनने की संकल्प यात्रा एवं उपलब्धियां” की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की प्रशंसा का उल्लेख करते हुए कहा कि उस पुस्तक को अवश्य पढ़ा जाना चाहिए जिससे परिवर्तन की वास्तविक जानकारी मिल‌ सके।
    श्री रस्तोगी ने कहा कि हम भारतीयों का दायित्व है कि व्यक्तिगत के साथ साथ सामाजिक आर्थिक उन्नति के लिए बहुत परिश्रम करें तथा अपनी आय का 10% दान दें और हर वर्ष एक तीर्थ स्थल की यात्रा अवश्य करें।
     इससे पहले पत्रकार एवं आर्थिक  विषयों के लेखक राजेश झा ने सिद्धार्थ रस्तोगी जी का परिचय देते हुए कहा कि उनसे मैंने अर्थशास्त्र और इकोनोमिक्स का अंतर समझा है।
    इस परिचर्चा की अध्यक्षता वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी गौरीशंकर शर्मा ने की जबकि स्वागत स्वदेशी जागरण मंच की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य मनोज कुमार सिंह ने किया और धन्यवाद ज्ञापन स्वदेशी जागरण मंच देवघर के जिला संयोजक संजय सिंह ने किया।

   परिचर्चा के दौरान उद्योगपति प्रदीप बाजला, समाजसेवी कमलेश तुलस्यान, प्रकाश चंद्र सिंह, एस.डी. मिश्रा, अमर कुमार सिन्हा, बबलू मित्रा, सुनील कुमार गुप्ता, शत्रुघ्न प्रसाद, निलेश कुमार सिंह, राजीव झा, अनुज कुमार, राम सेवक सिंह गुंजन, बाबू सोना श्रृगारी, पंकज सिंह भदौरिया, बमशंकर दुबे, प्रभाष गुप्ता सहित लगभग पचास लोग उपस्थित थे।