देवघर (शहर परिक्रमा)

SBI ने ‘गो सिक्योर–गो डिजिटल’ के माध्यम से बताया डिजिटल फ्रॉड से बचने का उपाय

देवघर: सुरक्षित एवं डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय स्टेट बैंक, देवघर द्वारा ‘गो सिक्योर–गो डिजिटल’ विषय पर एक टाउनहॉल मीटिंग का आयोजन वियो रे इन में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राहकों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
इस अवसर पर उपमहाप्रबंधक सत्यनारायण राव, क्षेत्रीय प्रबंधक प्रशांत कुमार झा, विभिन्न शाखाओं के मुख्य प्रबंधक, बैंक अधिकारी, ग्राहकगण एवं साइबर पुलिस स्टेशन से आए पुलिसकर्मी उपस्थित थे।

     कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमहाप्रबंधक सत्यनारायण राव ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार के साथ डिजिटल फ्रॉड के मामलों में भी वृद्धि हुई है, इसलिए ग्राहकों को अत्यंत सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि मात्र ₹1100 में बैंक खाते का बीमा कराया जा सकता है, जिसके अंतर्गत ₹1,00,000 तक की राशि साइबर फ्रॉड की स्थिति में सुरक्षित रहती है। उन्होंने ग्राहकों को आगाह किया कि किसी भी परिस्थिति में ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।
        क्षेत्रीय प्रबंधक प्रशांत कुमार झा ने एटीएम और डिजिटल लेन-देन से जुड़ी सुरक्षा पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एटीएम में राशि या कार्ड फंसने की स्थिति में घबराएं नहीं और किसी भी अज्ञात या गैर-आधिकारिक नंबर पर कॉल न करें। ऐसे मामलों में सबसे पहले बैंक के टोल-फ्री नंबर पर संपर्क कर कार्ड तुरंत ब्लॉक कराएं, इसके बाद नजदीकी शाखा में लिखित शिकायत दर्ज कराएं।
    उन्होंने डिजिटल अरेस्ट, सर्वे फ्रॉड, फर्जी कॉल, मैसेज और लिंक के माध्यम से होने वाली ठगी के तरीकों के बारे में भी ग्राहकों को जागरूक किया और किसी अनजान व्यक्ति से सहायता न लेने की सलाह दी।
बैठक में ग्राहकों को बताया गया कि साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल
www.cybercrime.gov.in पर दर्ज कराई जा सकती है अथवा हेल्पलाइन नंबर 155260 पर कॉल किया जा सकता है।
    इसके अतिरिक्त, अनधिकृत लेन-देन की स्थिति में डेबिट कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग को तुरंत ब्लॉक कराने के लिए SBI Customer Care नंबर 1800 111 109 पर संपर्क करने की जानकारी दी गई।
     साथ ही SBI Contact Centre के टोल-फ्री नंबर 1800 1234, 1800 2100, 1800 112211 और 1800 425 3800 की जानकारी भी साझा की गई, जो कहीं से भी, किसी भी समय और बिना इंटरनेट के उपलब्ध हैं।
     साइबर पुलिस स्टेशन से उपस्थित पुलिसकर्मियों ने साइबर अपराध से संबंधित कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए समय पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान ग्राहकों द्वारा पूछे गए सभी प्रश्नों का बैंक अधिकारियों एवं साइबर पुलिस द्वारा मौके पर ही समाधान किया गया।