मधुस्थली के प्रांगण में मना 77वां गणतंत्र दिवस समारोह
देवघर (मधुपुर): गूंज रहा है दुनिया में भारत का नगाड़ा, चमक रहा है आसमान में देश का सितारा। उद्घोष के साथ मधुस्थली के सुरम्य प्रांगण में मधुस्थली विद्यापीठ, मधुस्थली शिक्षण प्रशिक्षण केंद्र मधुस्थली पैरामेडिकल साइंस ने मिलकर मनाया 77वां गणतंत्र दिवस समारोह।

समारोह के मुख्य अतिथि देवघर के ई एन टी विशेषज्ञ डॉ विवेक मधुकर, एम आई टी टी की प्राचार्या, डॉक्टर जॉली सिन्हा ,मधुस्थली के शिक्षा पदाधिकारी डॉ जनार्दन घोष, मधुस्थली विद्यापीठ के प्राचार्य डॉक्टर आर. रितेश, पैरामेडिकल साइंस के प्राचार्य डॉक्टर मुखर्जी, एडमिनिस्ट्रेटर दिलीप झा एवं एम आई टी टी के ओ एस डी निलेश कुमार ने तिरंगा फहराया तथा परेड की सलामी ली।

विद्यालय के प्रशिक्षित विशेष समूह बैंड दल तथा चारों सदनों के बच्चों ने झंडे को सलामी देते हुए परेड किया। मुख्य अतिथि को सम्मानित करने के पश्चात। इस अवसर पर एम आई टी टी की प्राचार्या डॉ . जॉली सिंहा ने तीनों संस्थानों के छात्रों को 77 वें गणतंत्र दिवस की बधाई दी तथा गणतंत्र या प्रजातंत्र जैसे शब्दों के महत्व को बताया ।उन्होंने शिक्षा पर बल देते हुए कर्तव्य बोध की बात कही। हिंद के बहादुरों वक्त की पुकार है कविता की पंक्तियों के साथ उन्होंने छात्रों का उत्साह बढ़ा दिया। इसके बाद कक्षा एक से तीन की छात्राओं ने जहां पांव में पायल गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया तथा एम आई टी टी से बी एड की छात्रा सोनाली कुमारी ने भी देश भक्ति गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर अपने भाव प्रकट किए। मधुस्थली के छात्र तीर्थंकर चटर्जी ने इस अवसर पर भाषण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए पैरामेडिकल के छात्र इंजमामुल हक ने संदेशे आते हैं गीत गाए ।पैरामेडिकल के एडमिनिस्ट्रेटर ने सभी को गणतंत्र दिवस की बधाई देने के साथ शहीदों को याद किया तथा सेना के काम की सराहना की बच्चों को उत्कृष्ट संदेश दिए। तत्पश्चात कक्षा चतुर्थ से षष्ठ के छात्र-छात्राओं ने देश भक्ति गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ मधुकर ने काव्यात्मक शब्दों का प्रयोग करते हुए ओजपूर्ण भाषण दिए। उन्होंने कहा एक प्रसंग है कि हनुमान जी भूल जाते हैं कि उनमें कितना बाल है उन्हें याद दिलाना पड़ता है। विवेकानंद जी ने युवाओं को जगाने की बात कही है इसी आधार पर उन्होंने अपनी स्व रचित कविता ‘सुनो प्रभाती बिगुल बज रहा’ का पाठ किया।
मंच का संचालन कक्षा सप्तम के मलंख पटेल तथा षष्ठ की छात्रा अलिजा शौकत द्वारा किया गया। विद्यापीठ के शिक्षा पदाधिकारी डॉ जनार्दन घोष द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर तीनों संस्थानों के अधिकारी, शिक्षक प्रोफेसर शिक्षकेत्तर कर्मचारी तथा सदस्य उपस्थित थे।

