देवघर (शहर परिक्रमा)

पद्मश्री रवींद्र जैन की स्मृति में आयोजित हुआ कार्यक्रम

देवघर: मौलिक फिल्म्स और देवघर जैन समाज के संयुक्त तत्वावधान में सुप्रसिद्ध संगीतकार, गीतकार एवं गायक पद्मश्री रवींद्र जैन की जयंती के अवसर पर  गीतों की गोष्ठी ‘जब दीप जले आना’ का आयोजन स्थानीय श्री दिगम्बर जैन मंदिर के प्रेक्षागृह में किया गया।

     कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और रवींद्र जैन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर हुई। आगत अतिथियों का स्वागत एवं  कार्यक्रम की भूमिका मौलिक फिल्म्स के निर्देशक शत्रुघ्न प्रसाद ने प्रस्तुत की। तत्पश्चात प्रसिद्ध कवि, गीतकार एवं लेखक अनिल कुमार झा ने  लोक संगीत पर आधारित गीतों की चर्चा क्रमवार और सारगर्भित की। रवींद्र जैन द्वारा लोक संगीत पर आधारित फिल्मी गीतों पर लगभग 40 मिनट रोचक जानकारी युक्त आलेख को प्रतुत किया। बाद में गीतकार एवं लेखक परेश दत्त द्वारी, गीतकार एवं कवि अरुण कुमार शर्मा, गायक चंदन चटर्जी एवं विश्व भारती, शांति निकेतन के प्रोफेसर डॉक्ट सुभाष चंद्र राय ने  अपने विचार तो व्यक्त किए ही परेश दत्त द्वारी ने एक भजन और चंदन चटर्जी ने चितचोर फिल्म का चर्चित गीत जब दीप जले आना, जब शाम ढले आना का गायन प्रस्तुत किया। विशिष्ट अतिथियों में डॉ रूपाश्री, श्वेत पत्र के संपादक कमलेश तुलस्यान ने अपने विचार व्यक्त किए और सुरेश आनंद ने सरस्वती वंदना, सरदार पंडा भवप्रीता नंद ओझा की चर्चित रचना देवघरे विराजे गौरा साथ के साथ साथ रवींद्र जैन के गीतों का गायन प्रस्तुत किया। अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मशहूर मूर्तिकार एवं चित्रकार मार्कंडेय जजवाडे एवं  अध्यक्ष मशहूर गायक सर्वेश्वर दत्त द्वारी ने कार्यक्रम और रवींद्र जैन के भारतीय संगीत को दिए योगदानों की चर्चा की। कवि अरुण कुमार शर्मा के प्रस्ताव कि रवींद्र जैन की स्मृति में प्रतियोगिताओं के आयोजन और सम्मान समारोह हो, का सभी अतिथियों ने समर्थन किया। धन्यवाद ज्ञापन देवघर जैन समाज के सचिव सुरेश पाटनी ने किया तो  कार्यक्रम का प्रभावशाली  संचालन कवि एवं पत्रकार उदयेश रवि ने किया। कार्यक्रम में देवघर के साहित्यकार, पत्रकार एवं प्रबुद्ध लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।