देवघर (शहर परिक्रमा)

मधुपुर एचडीएफसी बैंक डकैती कांड के मुख्य आरोपी मे से एक गिरफ्तार

देवघर पुलिस ने मधुपुर स्थित एचडीएफसी बैंक में हुई चार करोड़ से अधिक की डकैती के मामले में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। घटना के बाद मधुपुर पुलिस लगातार बिहार एसटीएफ के संपर्क मे थी, सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बिहार के वैशाली जिले के शातिर बदमाश विपीन कुमार राय को मधुपुर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मधुपुर जेल में बंद अपने साथी से मिलने आया था, इसका उद्देश्य अपने हिस्से का पैसे के जानकरी लेना था, जहाँ पुलिस ने उसे दबोच लिया।

     इस गिरफ्तारी के साथ ही इस हाई-प्रोफाइल मामले में गिरफ्तार होने वाले अपराधियों की कुल संख्या बढ़कर 12 हो गई है। यह सभी आरोपी मुख्य रूप से बिहार के वैशाली जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के निवासी हैं। पुलिस की पूछताछ में आरोपी से महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।
गिरफ्तार आरोपी विपीन कुमार राय इस अंतरराज्यीय शातिर गिरोह का एक अहम सदस्य है, जिसके खिलाफ पूर्व में भी संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के सबूत मिले हैं। इस गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने गिरोह की कमर तोड़ दी है। देवघर पुलिस की विभिन्न टीमें आरोपियों से पूछताछ और घटना में प्रयुक्त हथियारों एवं लूटी गई संपत्ति की बरामदगी के लिए लगातार प्रयासरत हैं। आगे की जांच जारी है।

घटना का सारांश
    22 सितंबर 2025 को मधुपुर के राजबाड़ी रोड स्थित एचडीएफसी बैंक में हथियारबंद बदमाशों ने डकैती डाली।
कांड संख्या- मधुपुर थाना 146/25
लूट की राशि- बैंक से 2 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और सोना लूट लिया गया।
गिरफ्तारियाँ- इस मामले में अब तक कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। नवीनतम गिरफ्तारी वैशाली (बिहार) के विपीन कुमार राय की हुई है। इससे पहले बिहार एसटीएफ और झारखंड पुलिस ने 11 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया था।
गिरोह का नेटवर्क:- यह एक अंतरराज्यीय शातिर गिरोह है जिसका नेटवर्क झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, गोवा और हरियाणा तक फैला हुआ है।
गिरोह का करनामा- यह गिरोह नकदी से अधिक सोना-चांदी लूटने पर फोकस करता था और पूरी साजिश रचकर वारदात को अंजाम देता था। रेकी और डकैती अलग-अलग गुटों द्वारा की गई थी।
पिछली बरामदगी:- पिछली 11 गिरफ्तारियों के दौरान पुलिस ने लगभग साढ़े पांच लाख रुपये नकद, एक देसी पिस्तौल, दो जिंदा गोलियां, दो एटीएम, एक स्कोडा कार, दस मोबाइल फोन, एक नकाब और एक चोरी की बाइक बरामद की थी।

     22 सितंबर 2025 को हुई इस घटना के खुलासे के लिए देवघर पुलिस की टीमें लगातार कार्यरत थीं। बिहार एसटीएफ और अन्य राज्यों की पुलिस के सहयोग से चलाए गए संयुक्त अभियान के तहत इस गिरोह के 12वें सदस्य विपीन कुमार राय को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से की गई।
    जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह डकैती एक सुनियोजित अंतरराज्यीय साजिश थी, जिसमें रेकी, वित्तीय मदद और वारदात को अंजाम देने वाले अलग-अलग गुट शामिल थे।
     विपीन कुमार राय की गिरफ्तारी के बाद अब शेष लूटी गई संपत्ति और हथियारों की बरामदगी के प्रयास जारी है।