कुशवाहा समाज ने सम्मेलन में मृत्यु भोज पर रोक लगाने का प्रस्ताव लिया
देवघर: देवीपुर प्रखंड के कपासिया गांव में झारखंड प्रदेश कुशवाहा महासभा की ओर से कुशवाहा समाज सम्मेलन लखन लाल मरीक की अध्यक्षता में उत्क्रमित मध्य विद्यालय कपासिया के प्रांगण में संपन्न हुआ। इसका उद्घाटन महासभा के प्रदेश अध्यक्ष हाकिम प्रसाद महतो, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य नरेश वर्मा, प्रशिक्षण प्रमुख संजय शान, कोर समिति सदस्य रविंद्र वर्मा, संथाल परगना संयोजक अजीत कुमार मांझी, बोकारो जिलाध्यक्ष सुनील कुमार महतो, अरुण मरीक, फाल्गुनी कुशवाहा आदि ने पंचशील दीप प्रज्वलित कर तथा तथागत गौतम बुद्ध की तस्वीर पर पुष्पांजलि कर किया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि हाकिम प्रसाद महतो ने कहा कि समाज में व्याप्त कुरीतियों में फिजुल खर्ची, खर्चीली शादी, मृत्यु भोज आदि को खत्म करने की आवश्यकता है। संगठन के लिए समय देना ही आर्थिक सहयोग व ताकत है, जिससे आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रखा जाता हैं।
विशिष्ट अतिथि पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य नरेश वर्मा ने कहा कि नीति, नीयत, नेतृत्व और नेटवर्क के माध्यम से ही समाज का चौमुखी विकास किया जा सकता है। महासभा के प्रशिक्षण प्रमुख संजय शान ने कहा कि समाज के सम्मान के लिए अपनी पहचान जानने और जनाने की जरूरत है। आज जो हमें सम्मान नहीं दे, उन्हें मतदान करने की जरूरत नहीं है। कोर समिति सदस्य रविंद्र वर्मा ने कहा कि शिक्षा और संस्कृति का ज्ञान नहीं, जीवन में उसको सम्मान नहीं।

तत्पश्चात संथाल परगना कुशवाहा महासभा के संयोजक अजीत कुमार मांझी, बोकारो जिला अध्यक्ष सुनील कुमार महतो, चंदन कुशवाहा, लाल मोहन मांझी, रधुनाथ प्रसाद वर्मा, जगरनाथ महतो, सखीचंद्र प्रसाद, भूपाल मरीक, सुभाष कामती, तेज नारायण वर्मा, शंकर कुशवाहा, अरुण मरीक, सुभाष कामती, देवेंद्र नाथ कामती, ललित वर्मा, रघुनाथ प्रसाद वर्मा, फागु मंडल आदि लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।
अतिथियों का स्वागत अरूण मरीक ने किया जबकि अध्यक्षता अध्यक्षता लखन लाल मरीक ने किया। मंच संचालन संचालन एफ मरीक ने किया। सम्मेलन के माध्यम से तदर्थ जिला समिति का गठन किया गया। सम्मेलन में नव गठित समिति का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ समाजसेवी कैलाश कापरी किया। इस अवसर पर गांव के अलावा जिले के विभिन्न गांव से पहुंचे सैकड़ो लोग मौजूद थे।

