देवघर (शहर परिक्रमा)

देवघर में धूमधाम से मनाया गया सिंधी नववर्ष ‘चेटीचंड’, झूलेलाल जयंती पर हुआ विशेष आयोजन

देवघर: सिंधी समुदाय के प्रमुख पर्व सिंधी नववर्ष ‘चेटीचंड’ के पावन अवसर पर देवघर में श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक एकता के साथ भव्य आयोजन किया गया। यह पर्व सिंधी कैलेंडर के अनुसार नए साल की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है और चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। यह दिन वसंत ऋतु के आगमन और नई फसल के स्वागत का भी संकेत देता है।

     इस अवसर पर भगवान झूलेलाल की जयंती श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई। झूलेलाल, जिन्हें उदयलाल या उडेरोलाल के नाम से भी जाना जाता है, सिंधी समुदाय के इष्टदेव और संरक्षक संत माने जाते हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार 10वीं शताब्दी में सिंध प्रदेश में जब राजा मिरखशाह द्वारा हिंदुओं पर अत्याचार किया जा रहा था और उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जा रहा था, तब समुदाय ने 40 दिनों तक जल के देवता वरुण देव की कठोर तपस्या की थी। उनकी प्रार्थना से प्रसन्न होकर वरुण देव ने झूलेलाल के रूप में जन्म लिया और समाज की रक्षा की।
     देवघर में इस पावन दिन पर विशेष रूप से जल स्रोतों के पास पूजा-अर्चना की गई, क्योंकि झूलेलाल को जल देवता का अवतार माना जाता है। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक ‘बहराणा साहब’ की स्थापना की, जिसमें आटे का दीया जलाया गया और फल, इलायची तथा मिश्री का प्रसाद अर्पित किया गया। वातावरण भक्ति गीतों और जयकारों से गूंज उठा।
     देवघर सिंधी समाज द्वारा इस अवसर पर सेवा भाव का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया गया। शीतला मंदिर के समीप प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें पूरी-सब्जी और जल का वितरण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों के बीच किया गया। इस सेवा कार्य में समाज के सभी लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आयोजन को सफल बनाया।
     कार्यक्रम में मुख्य रूप से मुरलीधर राजपाल, कन्हैया राजपाल, कैलाश हरनानी, उमेश राजपाल, राजेश राजपाल, नरेश राजपाल, जितेश राजपाल, कमल हरनानी, सूरज राजपाल, रवि हरनानी, संजय हरनानी, अजी हरनानी, मूली पाहुजा, मोंटी पाहुजा, दीपक हरनानी, कुणाल हरनानी, विक्की हरनानी, मोहित हरनानी, बंटी राजपाल, चंकी राजपाल, सुयश हरनानी, शुभम, खुश, ओजस, शिवम, एकांश, अयांश और विवान सहित कई लोग सक्रिय रूप से शामिल रहे।