अखिल भारतीय मध्यदेशीय वैश्य सभा का राष्ट्रीय अधिवेशन 11 और 12 अप्रैल को
देवघर: अखिल भारतीय मध्यदेशीय वैश्य सभा के तत्वावधान में आगामी 11 और 12 अप्रैल को आयोजित होने वाले 46वें राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियों को लेकर सोमवार को स्थानीय स्तर पर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा और अतिथि आगमन को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की गई।

शांति कोठी में जुटेगा भारत, नेपाल और भूटान का वैश्य समाज
प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश अध्यक्ष कुंदन गुप्ता ने बताया कि इस दो दिवसीय महाधिवेशन का आयोजन देवघर के शांति कोठी में किया जा रहा है। उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि बाबा बैद्यनाथ की असीम अनुकंपा से यह लगातार दूसरी बार है जब देवघर को राष्ट्रीय अधिवेशन की मेजबानी करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इस सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा नेपाल और भूटान के प्रतिनिधि भी शिरकत करेंगे।
नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का होगा चुनाव
इस अधिवेशन की मुख्य विशेषता यह रहेगी कि यहाँ संगठन के आगामी कार्यकाल के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय महामंत्री और राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष का चुनाव संपन्न होगा। इसके साथ ही युवा मोर्चा और महिला समिति के मुख्य पदों (अध्यक्ष, महामंत्री व कोषाध्यक्ष) के लिए भी प्रतिनिधियों द्वारा मतदान किया जाएगा। कार्यक्रम में देशभर से लगभग 2000 प्रतिनिधियों के जुटने की संभावना है, जिनमें समाज के सांसद, विधायक, पूर्व जनप्रतिनिधि और महापौर शामिल रहेंगे।
प्रतिभाशाली युवाओं को मिलेगा ‘युवा रत्न’ सम्मान
संगठन के प्रदेश प्रवक्ता कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष का अधिवेशन कई मायनों में ऐतिहासिक होने वाला है। सभा ने निर्णय लिया है कि देशभर के प्रत्येक राज्य से दो-दो ऐसे युवाओं को ‘प्रदेश रत्न’ से सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने लेखन, कविता, कला या सांस्कृतिक क्षेत्र में विशिष्ट योगदान दिया है।
वहीं राष्ट्रीय युवा प्रवक्ता राजेश कुमार शाह और जिला महामंत्री अजीत कुमार शाह ने भी पत्रकारों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि यह आयोजन समाज की एकता और अखंडता को एक नई दिशा प्रदान करेगा। सम्मेलन को सफल बनाने के लिए विभिन्न कमेटियों का गठन कर लिया गया है और अतिथियों के स्वागत की भव्य तैयारियाँ की जा रही हैं।

