देवघर (शहर परिक्रमा)

देवघर नगर निगम क्षेत्र के विकास हेतु संताल परगना चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने रखे महत्वपूर्ण सुझाव

देवघर: संताल परगना चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, देवघर की ओर से नगर निगम क्षेत्र के समग्र एवं योजनाबद्ध विकास को लेकर महापौर रवि राउत से मुलाकात की एवं पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं शुभकामना पत्र देकर उनका अभिवादन किया गया ।

   इस दौरान देवघर शहर के विकास एवं समृद्धि के लिए देवघर नगर निगम के महापौर रवि राउत एवं नगर आयुक्त श्री रोहित सिन्हा को एक विस्तृत सुझाव पत्र सौंपा।
सुझाव पत्र के अनुसार-
    👉राज्य की सांस्कृतिक राजधानी होने के साथ-साथ एक प्रमुख धार्मिक, आध्यात्मिक एवं पर्यटन केंद्र है, तेजी से विकास की ओर अग्रसर है। इसके बावजूद शहर में कई मूलभूत सुविधाओं का अभाव आज भी महसूस किया जा रहा है।
    👉मीना बाजार क्षेत्र का पुनर्विकास करते हुए वहां मल्टी स्टोरी वेंडिंग मार्केट का निर्माण किया जाए, जिससे फुटपाथ दुकानदारों एवं विभिन्न विक्रेताओं को एक ही स्थान पर व्यवस्थित किया जा सके तथा अतिक्रमण की समस्या कम हो। पुराने सभी दुकानदारों को उनकी वरीयता अनुसार एवं स्थानीय व्यवसायियों को ही पुनः इन दुकानों का आवंटन हो ।
    👉शहर में कम से कम 10 एकड़ भूमि चिन्हित कर बड़े शहरों की तरह डेडिकेटेड ट्रांसपोर्ट नगर विकसित किया जाए, जिससे असंगठित परिवहन व्यवस्था में सुधार हो और ट्रैफिक समस्या कम हो।
    👉बढ़ती जनसंख्या एवं वाहनों को देखते हुए शहर के विभिन्न स्थानों पर कम्युनिटी पार्किंग एवं मल्टीस्टोरी पार्किंग की व्यवस्था विकसित की जाए।
     👉शहर की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार करते हुए प्रमुख चौराहों पर सिग्नल लाइट स्थापित की जाए।
    👉जर्जर हो चुके पुराने टाउन हॉल के स्थान पर अत्याधुनिक टाउन हॉल का निर्माण किया जाए, जिससे सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल सके।
     👉शिवलोक परिसर स्थित निगम भूमि पर मल्टीपर्पस कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाए, जिसमें पार्किंग, मार्केट, हॉल एवं होटल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हों।
     👉दिल्ली हाट की तर्ज पर ‘बैद्यनाथ हाट’ का निर्माण किया जाए, जहां स्थानीय कला, हस्तशिल्प एवं उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री की समुचित व्यवस्था हो, साथ ही प्रशिक्षण एवं शोध केंद्र भी विकसित किए जाएं। इसके लिए नवलखा मंदिर के आसपास के बेकार पड़े सरकारी स्थानों का उपयोग किया जाए एवं कल्चरल सेंटर की भी स्थापना हो ।
     👉शहर में आधुनिक तकनीक से युक्त यूरिनल एवं सार्वजनिक शौचालयों की पर्याप्त संख्या में स्थापना की जाए, जिनका रखरखाव विज्ञापन से होने वाली आय से सुनिश्चित हो।
     👉बाबा मंदिर के आसपास एक किलोमीटर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त एवं विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना से विकसित किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित वातावरण मिल सके।
      👉धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए मंदिर क्षेत्र के आसपास मांस-मछली की खुले में बिक्री एवं बूचड़खानों पर प्रतिबंध लगाया जाए तथा इसके लिए पृथक मार्केट विकसित किया जाए।
     👉व्यापारियों के लिए टैक्स, लाइसेंस, नक्शा पास, होल्डिंग आदि प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी एवं डिजिटल (सिंगल विंडो सिस्टम) बनाया जाए तथा सभी शुल्क दरों को सार्वजनिक किया जाए।
    👉शहर में टोटो परिचालन, स्टॉपेज एवं रूट निर्धारण को सुव्यवस्थित किया जाए।
     👉क्लब ग्राउंड एवं केकेएन स्टेडियम के आसपास अवैध रूप से बसे लोगों के लिए सम्मानजनक पुनर्वास योजना बनाई जाए, जिससे सामाजिक एवं कानून व्यवस्था में सुधार हो सके।
     पत्र के माध्यम से चैंबर ने विश्वास व्यक्त किया है कि नगर निगम इन सुझावों पर गंभीरता से विचार कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करेगा, जिससे देवघर को एक सुव्यवस्थित, स्वच्छ एवं आधुनिक शहर के रूप में विकसित किया जा सके।
     इस अवसर पर चैंबर के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण शर्मा, सचिव निरंजन कुमार सिंह, उपाध्यक्ष जीतेश राजपाल, पूर्व अध्यक्ष विनोद सुलतानियां, आलोक मलिक, पूर्व सचिव संजय मालवीय, रितेश टिबरेवाल, कार्यकारिणी सदस्य आलोक सिंह, लक्ष्मण पटेल, महेश लाट, स्वर्ण व्यवसाई संघ के अध्यक्ष दिलीप वर्मा, सचिव सहदेव पोद्दार, डेकोरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष उपेंद्र गुप्ता, चैंबर के वरिष्ठ सदस्य बजरंग बथवाल आदि उपस्थित थे।

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