भारत विकास परिषद ने डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं महामंत्री गणितज्ञ आर्यभट्ट की जयंती मनाई
देवघर: आज दिनांक 14 अप्रैल को भारत विकास परिषद, बैद्यनाथ धाम शाखा के तत्वावधान में स्थानीय संत कोलंबस स्कूल में संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं महान भारतीय गणितज्ञ आर्यभट्ट की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता शाखा के अध्यक्ष संतोष शर्मा ने की।
इस अवसर पर परिषद के सदस्यों और प्रबुद्ध जनों ने दोनों महापुरुषों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दीप प्रज्ज्वललित क़र उन्हें नमन किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संतोष शर्मा ने महान खगोलशास्त्री और गणितज्ञ आर्यभट्ट को याद करते हुए कहा, “आर्यभट्ट केवल एक गणितज्ञ नहीं, बल्कि भारत के वैज्ञानिक गौरव के प्रतीक हैं। उन्होंने शून्य का ज्ञान देकर विश्व को आधुनिक गणित की आधारशिला रखने में मदद की। आज की युवा पीढ़ी को उनके सिद्धांतों और खोजों से प्रेरणा लेकर विज्ञान के क्षेत्र में भारत का नाम रौशन करना चाहिए।”
मुख्य वक्ता के रूप में क्षेत्रीय सचिव संपर्क प्रो. अरविंद कुमार झा ने बाबा साहब के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा, “समता, न्याय और बंधुत्व के उच्च आदर्शों से आलोकित, समरस एवं समावेशी समाज की आधारशिला रखने वाले बाबा साहब भारतीय संविधान के सच्चे शिल्पकार थे। उन्होंने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के अधिकारों की लड़ाई लड़ी। अंत्योदय और लोक-कल्याण के प्रति समर्पित बाबा साहब सच्चे अर्थों में माँ भारती के अमूल्य रत्न हैं।”
शाखा की पूर्व अध्यक्ष प्रो. राखी रानी ने अपने संबोधन में कहा, “बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने केवल संविधान ही नहीं रचा, बल्कि उन्होंने महिलाओं को शिक्षा और संपत्ति में अधिकार दिलाने के लिए ‘हिंदू कोड बिल’ के माध्यम से क्रांति की शुरुआत की थी। आज की नारी अगर स्वतंत्र और सशक्त है, तो उसमें बाबा साहब की दूरगामी सोच का बड़ा योगदान है।
समिति के सचिव आचार्य गौरव शंकर जी ने कहा बाबा साहब के पदचिह्नों पर चलते हुए एक समरस और भेदभाव मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि बाबा साहब का संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं,
उक्त कार्यक्रम मे समिति के कोषाध्यक्ष चंचल कोठारी, उत्तम कुमार डमरू, डॉ. शंभू नाथ मिश्र, बिजय पाण्डेय प्रभात चरण मिश्र, देनेश जी, गौरव शंकर, करुणा जी गौतम ठाकुर सहित कई सदस्य मौजूद थे।

