देवघर (शहर परिक्रमा)

तक्षशिला विद्यापीठ में पंडित विनोदानंद झा की मनाई गई 126 वी जयंती

देवघर: संयुक्त बिहार के भूतपूर्व मुख्यमंत्री सह बिहार गौरव पंडित विनोदानंद झा की 126वीं जयंती 17 अप्रैल को स्थानीय तक्षशिला विद्यापीठ स्थित डॉक्टर कृष्णानंद झा मेमोरियल ऑडिटोरियम में मनाई गई। इस अवसर पर वक्ताओं में बतौर मुख्य अतिथि स्थानीय विधायक व पूर्व मंत्री सुरेश पासवान ने पंडित विनोदानंद झा की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। साथ ही कहा कि पंडित जी ने गरीब दलित पिछड़े एवं आदिवासियों के हित में एसपीटी एक्ट बनाकर अभूतपूर्व कार्य किया है। इससे हम देवघरवासी सदा गौरवान्वित रहेंगे। वहीं विनोदा बाबू को दूरदर्शी बताते हुए कहा कि पंडित जी ने उस वक्त ही देवघर में पेयजल की किल्लत का अंदाजा लगाते हुए पुनासी जलाशय योजना की परिकल्पना की थी। जो कालांतर में उनके पुत्र पूर्व मंत्री कृष्णानंद झा के कार्यकाल में कार्यरूप में परिणत हुआ। साथ ही उनका शिक्षा जगत में अनेक योगदान रहा, इसे कदापि भूला नहीं जा सकता।

इस बीच पंडित विनोदानंद झा के पौत्र व हिंदी विद्यापीठ के व्यवस्थापक अशोकानंद झा ने अपने उदगार व्यक्त करते हुए कहा कि देश व समाज के लिए जिन लोगों ने भी अच्छे कार्य किए हैं उनके कृतित्व को हमें याद रखनी चाहिए। ताकि हमारी अगली पीढ़ी उनके उच्च विचारों को अपना आदर्श बना सके। साथ ही उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना जीवन अपना सुख एवं अपने परिवार का भी यह जानते हुए भी त्याग कर दिया की शायद अपने जीवन काल में देश को आजादी मिलना संभव न हो।

श्री झा ने आगे कहा कि स्वतंत्रता सेनानी के रूप में उन्होंने काफी संघर्ष किया इसलिए उनका सम्मान समाज के हर वर्ग में होता है और आगे भी होते रहना चाहिए। यही पंडित जी के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने पंडित जी द्वारा बनाए गए एसपीटी एक्ट एवं बाबा बैजनाथ मंदिर की व्यवस्था का आज हो रहा अवहेलना पर दुख व्यक्त किया। श्री झा ने समाज के सभी लोगों को एकजुट रहने का आह्वान किया।

इसी क्रम में अन्य वक्ताओं में बतौर विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री राज पलिवार एवं बादल पत्रलेख ने भी अपने संबोधन में पंडित जी के कृतित्व व व्यक्तित्व को महान बताया। श्री पलिवार ने विनोदा बाबू के नाम पर देवघर की धरती पर एक प्रतीक स्वरूप निर्माण कार्य किए जाने की मांग की। वहीं श्री बादल पत्रलेख ने कहा कि पंडित जी जैसे शख्सियत बिरले ही पैदा होते हैं। पंडित जी को महात्मा गांधी जवाहरलाल नेहरू व भीमराव अंबेडकर जैसे राजनीतिज्ञों का सानिध्य प्राप्त था। पंडित जी महान राजनीतिक थे। उनके नाम पर देवघर में यूनिवर्सिटी या मेडिकल कॉलेज खोलकर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है।

इस बीच समारोह में आए अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया इसमें डॉ. नागेश्वर शर्मा, प्रो. रामनंदन सिंह, राजेंद्र दास, अशोक राय व कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रमेश बाजला के नाम उल्लेखनीय हैं। इस अवसर पर पंजाबी रावत, रवि केसरी, अजय कुमार, अनंत मिश्रा, संजीव कुमार झा, प्रो. उदय प्रकाश, दशरथ खवाड़े, प्रो. सुंदर चरण मिश्रा, अवधेश प्रजापति, रीता चौरसिया समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *