झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स द्वारा देवघर एवं संताल परगना के औद्योगिक क्षेत्रों की स्थिति का जायजा
देवघर: राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति, इंफ्रास्ट्रक्चर एवं उद्यमियों की समस्याओं का आकलन करने हेतु फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा विशेष निरीक्षण अभियान की शुरुआत की गई है। इसी क्रम में सह सचिव रोहित पोद्दार ने आज संताल परगना प्रमंडल अंतर्गत विभिन्न इंडस्ट्रियल एरिया का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान चैम्बर के संताल परगना प्रमंडल के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष संजय अग्रवाल, देवघर चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष रवि केसरी, संताल परगना चैम्बर के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण शर्मा, संताल परगना इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सदस्य एवं उद्योग विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। इस पूरे अभियान में उद्योग विभाग और जियाडा ने सक्रिय सहयोग किया।

प्रतिनिधिमंडल ने देवघर स्थित डाबरग्राम इंडस्ट्रियल एरिया, जसीडीह फेज-1, जसीडीह फेज-2, देवीपुर इंडस्ट्रियल एरिया के साथ-साथ सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क एवं देवघर प्लास्टिक पार्क का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सड़क, बिजली, जलापूर्ति, ड्रेनेज, सुरक्षा व्यवस्था, भूमि आवंटन एवं उद्योगों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क के सभागार में उद्यमियों के साथ विस्तृत संवाद आयोजित किया गया, जिसमें उद्यमियों ने अपनी समस्याओं एवं सुझावों को रखा। जियाडा की क्षेत्रीय उप निदेशक दीपमाला के साथ समीक्षा बैठक भी आयोजित हुई। उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु सह सचिव रोहित पोद्दार ने प्रत्येक तीन माह में स्थानीय जिला चैम्बर एवं संताल परगना इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के साथ समन्वय बैठक आयोजित करने का आग्रह किया, जिसपर उन्होंने सहमति जताई तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी सुझाया कि जियाडा द्वारा एक अधिकृत अधिकारी को प्रत्येक 15 दिनों में इंडस्ट्रियल एरिया का नियमित निरीक्षण करने हेतु नियुक्त किया जाए ताकि छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान समय रहते किया जा सके।
उद्यमियों ने बताया कि प्रोजेक्ट परिवर्तन होने की स्थिति में नेचर ऑफ बिजनेस चेंज कराने में जियाडा स्तर पर कठिनाइया हो रही हैं। इसकी नीतिगत समीक्षा आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि जसीडीह फेज-1 एवं फेज-2 में कई उद्यमियों को भूमि आवंटन होने के बावजूद पिछले तीन वर्षों से पजेशन नहीं मिल पाया है, जिस कारण उद्योग प्रारंभ नहीं हो सके हैं। कई मामलों में पजेशन एवं बाउंड्री वॉल बनने के बाद भी स्थानीय विरोध के कारण उद्योग चालू नहीं हो पाए हैं, जिससे उद्यमियों की भारी पूंजी फंस गई है। इंडस्ट्रियल एरिया में अप्रोच रोड की खराब स्थिति, साफ-सफाई का अभाव एवं आधारभूत सुविधाओं की कमी भी प्रमुख समस्या के रूप में सामने आई। निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि जसीडीह फेज-1 में बीएसएनएल का एक कार्यालय पिछले लगभग 15 वर्षों से बंद पड़ा है। ऐसी निष्क्रिय भूमि का आवंटन रद्द कर नए उद्यमियों को अवसर दिया जाना चाहिए।
देवघर चैम्बर के अध्यक्ष रवि केसरी ने कहा कि वर्ष 2018 में देवीपुर इंडस्ट्रियल एरिया में 81 उद्यमियों को भूमि आवंटित की गई थी, परंतु आज तक उन्हें पजेशन नहीं मिल सका है। यदि इन उद्योगों की स्थापना हो पाती, तो सरकार को राजस्व प्राप्त होने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर हजारों लोगों को रोजगार मिलता। उद्यमियों ने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क के समीप पुलिस पिकेट की आवश्यकता भी महसूस की। वहीं देवघर प्लास्टिक पार्क के निरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि यहाँ लगभग 95 प्रतिशत इंफ्रास्ट्रक्चर का काम पूरा हो चुका है। बावजूद इसके उद्योगों की स्थापना एवं भूमि आवंटन की दिशा में अब तक गंभीर प्रयास नहीं हुए हैं। यहाँ लगभग 102 यूनिट स्थापित हो सकते हैं जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन संभव है।
चैम्बर के पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष आलोक मल्लिक ने कहा कि सरकार प्लास्टिक एसोसिएशन के साथ मिलकर एक बड़े स्तर की इन्वेस्टमेंट मीट आयोजित करे तथा प्लास्टिक पार्क के लिए आकर्षक औद्योगिक नीति एवं विशेष प्रोत्साहन पैकेज लाए। यदि सरकार गंभीर पहल करे तो अगले एक वर्ष में यहाँ 102 उद्योग इकाइयों की स्थापना संभव है।
झारखण्ड चैम्बर के सह सचिव रोहित पोद्दार ने कहा कि संताल परगना क्षेत्र के समग्र विकास के लिए इंडस्ट्रियल एरिया में फूल फ्लेज पजेशन दिलाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि चैम्बर पूरे निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उद्योग सचिव एवं जियाडा प्रबंधन को सौंपेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति में उद्योगों को प्रोत्साहित करने हेतु कई आकर्षक योजनाएं एवं प्रावधान शामिल किए जा रहे हैं, परंतु यदि जमीनी स्तर पर भूमि आवंटन, पजेशन, आधारभूत संरचना एवं प्रशासनिक समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से नहीं किया गया, तो निवेशकों का विश्वास प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि संताल परगना में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं और सरकार, जियाडा एवं उद्योग संगठनों के समन्वित प्रयास से यह क्षेत्र राज्य के प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में विकसित हो सकता है।
संताल परगना प्रमंडल के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा कि संताल परगना क्षेत्र में उद्योगों के लिए पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं, परंतु कई वर्षों से लंबित पजेशन, आधारभूत सुविधाओं की कमी एवं प्रशासनिक अड़चनों के कारण उद्यमियों में निराशा का वातावरण बन रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर लंबित समस्याओं का समाधान करे, तो यह क्षेत्र बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित कर सकता है तथा स्थानीय युवाओं को रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने शंकरपुर रेलवे स्टेशन एवं प्रस्तावित रेलवे यार्ड का भी निरीक्षण किया तथा इसे संताल परगना क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
निरीक्षण के दौरान पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष आलोक मल्लिक, देवघर चैम्बर के अध्यक्ष रवि केसरी, संताल परगना चैम्बर के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण शर्मा, सचिव निरंजन सिंह, सह सचिव पंकज भालोटिया, देवघर चैम्बर के कोषाध्यक्ष पंकज मोदी, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सदस्य रितेश टिबड़ेवाल, पेंच सिंघल, आलोक सिंह, राकेश कुमार, अमर कुमार, निरंजन उपाध्याय समेत कई उद्यमी उपस्थित थे। पूरे भ्रमण के दौरान जियाडा के औद्योगिक पदाधिकारी पियूष शील ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
यह जानकारी रोहित अग्रवाल, महासचिव, झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स ने एक विज्ञप्ति जारी कर दी है।

