बाबा मंदिर की अव्यवस्था पर तीर्थ पुरोहित महासभा ने जताई चिंता, आंदोलन की चेतावनी
देवघर: अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा की एक महत्वपूर्ण बैठक में बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर की वर्तमान व्यवस्थाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पंडा धर्मरक्षिणी सभा के पूर्व अध्यक्ष विनोद दत्त द्वारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में समाज के गणमान्य लोगों ने मंदिर प्रशासन की कार्यशैली और श्रद्धालुओं को हो रही परेशानियों पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में कहा गया कि मंदिर में वीआईपी दर्शन व्यवस्था के नाम पर प्रशासन द्वारा भारी अव्यवस्था फैलाई जा रही है। जलार्पण के दौरान श्रद्धालुओं के बेहोश होने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जबकि सामान्य एवं शीघ्र दर्शन कतारों में भी भारी भीड़ और अव्यवस्था बनी हुई है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन की विफलता के कारण श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों को घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है तथा कई लोग बिना जलार्पण किए ही लौटने को विवश हो रहे हैं।
महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि श्रद्धालु, तीर्थ पुरोहित और आमजन मंदिर प्रशासन की लचर व्यवस्था से परेशान हैं। बैठक में मंदिर की स्थिति में शीघ्र सुधार नहीं होने पर व्यापक आंदोलन की आवश्यकता पर बल दिया गया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि झारखंड के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री से मुलाकात कर बाबा मंदिर की वर्तमान स्थिति से उन्हें अवगत कराया जाएगा। समय मिलने पर एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलकर श्रद्धालुओं की समस्याओं और मंदिर की अव्यवस्थाओं को सामने रखेगा।
महासभा ने चेतावनी दी कि यदि मंदिर प्रशासन जल्द से जल्द व्यवस्थाओं को सुचारू और सुदृढ़ नहीं करता है, तो समाज के बुजुर्गों, युवाओं एवं अन्य संगठनों को साथ लेकर एक बड़ी बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें आंदोलन की रूपरेखा पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस प्रस्तावित बैठक में महासभा के वरिष्ठ मुख्य संरक्षक दुलर्भ मिश्रा सहित समाज के कई गणमान्य लोग शामिल होंगे।
बैठक के अंत में वक्ताओं ने कहा कि अब केवल आवेदन और अनुरोध से काम नहीं चलेगा, बल्कि श्रद्धालुओं के हित में आवश्यक होने पर आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। महासभा ने मंदिर प्रशासन से तत्काल व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

