एम्स देवघर में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत उन्मुखीकरण सत्र आयोजित
देवघर: देश को क्षय रोग (टीबी) मुक्त बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को गति देने के उद्देश्य से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) देवघर में “टीबी मुक्त भारत अभियान–100 दिवसीय अभियान” पर उन्मुखीकरण सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग तथा पल्मोनरी मेडिसिन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं संसाधन व्यक्ति डॉ. अशोक भारद्वाज, अध्यक्ष, राष्ट्रीय कार्यबल (एनटीएफ), राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी), चिकित्सा महाविद्यालय थे। उन्होंने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम में चिकित्सा महाविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने उन्नत रोगी खोज (एक्टिव केस फाइंडिंग), गुणवत्तापूर्ण जांच, रोगी प्रबंधन, परिचालन अनुसंधान तथा क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में मेडिकल कॉलेजों के योगदान को रेखांकित किया।
सत्र की अध्यक्षता एम्स देवघर के कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन एम. गंगाने ने की। उन्होंने कहा कि भारत को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति में तृतीयक स्वास्थ्य संस्थानों और चिकित्सा महाविद्यालयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने टीबी की शीघ्र पहचान, समय पर उपचार, गुणवत्तापूर्ण रोगी देखभाल तथा स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में संकाय सदस्य, रेजिडेंट चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, इंटर्न एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने सक्रिय भागीदारी की। प्रतिभागियों को टीबी की रोकथाम, शीघ्र पहचान, उपचार अनुपालन तथा समुदाय आधारित हस्तक्षेपों की जानकारी दी गई। साथ ही टीबी रोगियों को समग्र एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सक्रिय सहयोग और सहभागिता का संकल्प लिया। एम्स देवघर ने स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, अनुसंधान एवं सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से देश को टीबी मुक्त बनाने के राष्ट्रीय प्रयासों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

