10वीं और 12वीं में सर्वोच्च अंक लाने वाली छात्राओं को फूलमणि देवी छात्रवृति: डॉ. सुनील खवाड़े
तक्षशिला विद्यापीठ सभागार में स्व. वर्धन खवाड़े प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन
350 छात्र-छात्राओं को मिला स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र
देवघर: हार्दपीठ वैद्यनाथ फांउडेशन की ओर से रविवार को तक्षशिला विद्यापीठ के सभागार में स्व. वर्धन खवाड़े प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी ड़ॉ. सुनील खवाड़े ने किया, जबकि मुख्य अतिथि रामकृष्ण मिशन के प्राचार्य स्वामी दिव्य सुधानंद जी महराज थे।

कार्यक्रम में 10 वीं, 12 वीं समेत अन्य परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले करीब 350 छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह में डॉ. सुनील खवाड़े ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि आने वाली 10 वीं और 12 वीं की परीक्षा में सर्वाधिक अंक लाने वाली छात्राओं को फूलमणि देवी छात्रवृति प्रदान की जाएगी। इसके तहत एक छात्रा को 11 हजार की नकद राशि मिलेगी, ताकि उनकी आगे की पढ़ाई में कुछ मदद हो सके। किन छात्राओं को फूलमणि देवी छात्रवृति प्रदान की जाएगी, यह फांउडेशन तय करेगी।

डॉ सुनील खवाड़े ने कहा कि आने वाले सालों में यह प्रतिभा सम्मान और भी भव्य तरीके से होगा। हमलोगों का प्रयास है कि समाज की प्रतिमा को आगे लाएं, ताकि उनका उत्साह वर्धन हो सके। इसमें फांउडेशन अहम भूमिका निभा रहा है। फांउडेशन को हमेशा सहयोग मेरा सहयोग मिलता रहेगा, ताकि प्रतिभाओं का सम्मान साल दर साल होता रहे। शिक्षा और खेल का विकास हमेशा से मेरी प्राथमिकता रही है और इसी कड़ी में देश में पहला स्कूल ओलंपिक देवघर में कराने का मौका भी मुझे मिला है, जिसमें जिला ओलंपिक संघ की अहम भूमिका थी। समाजसेवा की प्रेरणा मुझे अपने पिता स्व. वर्धन खवाड़े, मां स्व. फूलमणि देवी के साथ स्वतंत्रता सेनानी दादा और पूर्वजों से मिली है। हमारे देवघर के बच्चे खबू पढ़ें और आगे बढ़ें, यहीं बाबा बैद्यनाथ से कामना है। मुख्य अतिथि स्वामी दिव्य सुधानंद जी महाराज ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों में संस्कार भी जरूरी है। स्व. वर्धन खवाड़े के नाम से जिस तरह प्रतिभा सम्मान का आयोजन उनके पुत्र के द्वारा किया जा रहा है, यह काबिल-ए-तारीफ है। ऐसे आयोजन से यह कहा जा सकता है कि डॉ. सुनील खवाड़े योग्य पिता के योग्य संतान हैं।
कार्यक्रम में देवघर कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रो. सुंदर चरण मिश्र ने स्व. वर्धन खवाड़े के सामाजिक योगदानों की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्व. वर्धन बाबू न्याय प्रिय और ईमानदारी की प्रतिमूर्ति थे। परोपकार तो उन्होंने पूवर्जों से सीखी थी और ताउम्र उसे निभाते रहे। अब उनके पुत्र सुनील खवाड़े अपने पिता की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
कार्यक्रम में फूड एंड क्रॉफ्ट संस्थान के प्राचार्य डॉ. नृपेंद्र सिंह लिंगवाल, शिक्षाविद सर्वेश्वर दत्त द्वारी, रामसेवक सिंह गुंजन ने भी अपने-अपने विचार रखे। मौके पर डॉ कौशिक कुमार मिश्र, एसजे एकेडमी के प्राचार्य ब्रजेश करमहे, देवघर सेंट्रल स्कूल प्राचार्य सुबोध झा, पंडा धर्मरक्षिणी सभा के उपाध्यक्ष संजय मिश्रा, हिमांशु झा, अजय कुंज़िलवार, संस्था के सचिव बिनय नारायण खवाड़े, कार्यक्रम पदाधिकारी रुपेश कुमार मिश्र, कोषाध्यक्ष भगवान धन मिश्र, संयोजक राजदेव मिश्रा, दीपा मिश्रा, लक्ष्मी कांत मिश्रा, डॉ. विजय शंकर, छवि शंकर पंडित, रवि खवाड़े मौजूद थे। मंच संचालन सोमेश पंडित ने किया।

