SIR के लिए निर्धारित 30 दिन में 11 दिन बीत चुके हैं, जल्द करें: निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में प्रेसवार्ता का आयोजन
देवघर: जिले में मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए 30 जून से 29 जुलाई तक विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR – Special Intensive Revision) अभियान चलाया जा रहा है। इस कड़ी में दिनांक 10.07.2026 को निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार की अध्यक्षता में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान उन्होंने सभी नागरिकों से इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है। आगे उन्होंने जानकारी दी कि अभियान के प्रथम चरण के तहत जिले के सभी बीएलओ घर-घर जाकर नागरिकों को गणना प्रपत्र (Enumeration Form) वितरित कर रहे हैं। यह फॉर्म दो प्रतियों में दिया जा रहा है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य देवघर के वैध मतदाताओं का नाम जोड़ना, उनका सत्यापन करना और अपात्र लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाना है।

इसके अलावा प्रेसवार्ता के दौरान रवि कुमार ने बताया कि इस पूरी गतिविधि को पूरा करने, फॉर्म सत्यापित करने और उसे डिजिटाइज करने के लिए कुल 30 दिनों का समय निर्धारित था, जिसमें से आज 10 तारीख तक 11 दिन बीत चुके हैं। ऐसे में मतदाताओं से अनुरोध किया है कि जैसे ही बीएलओ आपके घर फॉर्म लेकर आएं, उसे एक से दो दिनों के भीतर भरकर अनिवार्य रूप से लौटा दें। नागरिकों को गणना प्रपत्र में अपनी बुनियादी जानकारियां जैसे आधार नंबर, फोन नंबर और जन्मतिथि भरकर हस्ताक्षर करने होंगे। यदि किसी नागरिक या उनके माता-पिता/दादा-दादी का नाम साल 2003 की एसआईआर सूची में था, तो वे उसका विवरण भी दर्ज कर सकते हैं। मतदाताओं की सुविधा के लिए सीओ ऑफिस, बीडीओ ऑफिस, नगर निगम कार्यालय और एसडीओ ऑफिस में विशेष हेल्प डेस्क सेंटर बनाए गए हैं। इसके अलावा, जो लोग घर बैठे 2003 की सूची में अपना या परिजनों का नाम खोजना चाहते हैं, वे ECI Net ऐप डाउनलोड कर पूरे देश में कहीं भी नाम सर्च कर सकते हैं और देवघर विधानसभा क्षेत्र में अपना नाम जुड़वा सकते हैं।
प्रेसवार्ता के दौरान निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई मतदाता फॉर्म भरकर जमा कर देता है (मैपड या अनमैपड), और यह घोषणा करता है कि वह वैध वोटर है, तो उसका नाम मतदाता ड्राफ्ट सूची से नहीं काटा जाएगा। फॉर्म जमा न करने की स्थिति में ही मामले को संदिग्ध माना जाएगा। इसलिए मतदाता सूची में अपना नाम सुरक्षित रखने के लिए नागरिकों का सक्रिय होना और फॉर्म जमा करना बेहद आवश्यक है।

