देवघर (शहर परिक्रमा)

दस दिवसीय पितृ दिवस पर बच्चियों ने अपनी अपनी बातें रखी

देवघर: स्थानीय दीनबंधु उच्च विद्यालय में विवेकानंद शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा संस्थान के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव के नेतृत्व में स्थानीय बच्चियों ने माता, पिता एवं गुरु पर अपनी अपनी बातें रखी।

मौके पर रमा देवी बाजला महिला महाविद्यालय की छात्रा अनुप्रिया कुमारी ने कहा- पिता और गुरु का संबंध बहुत महत्वपूर्ण होता है। पिता जन्म और पालन-पोषण करते हैं, जबकि गुरु ज्ञान और मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। दोनों ही व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और उनका सम्मान करना आवश्यक है। माता, पिता, गुरु, दैवम अर्थात माता, पिता, गुरु और दिव्यता। जब हमारा जन्म होता है तब हमारे जीवन में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति माँ होती है। उस समय, जब हमें स्तनपान की, गले लगाने और चूमे जाने की तथा पोषित किये जाने की आवश्यकता है, तब माँ ही महत्वपूर्ण है।

इसी महाविद्यालय की छात्रा अनिशा कुमारी एवं रिया कुमारी ने कहा- जब बच्चा चलना शुरू करता है तो पिता महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि पिता को बाहरी दुनिया की परिस्थितियों के बारे में जानकारी है, वहाँ उसकी पहुँच है।

खुशी पाण्डेय ने कहा- माँ हमें पालती है और हमारा पोषण करती है, पिता हमारा मार्गदर्शन करते हैं, गुरु हमें गूंथते हैं क्योंकि जब तक हम गूंथे न जायें तब तक कुछ भी अच्छा नहीं कर सकते।

दीनबंधु उच्च विद्यालय की छात्रा शिवानी झा ने कहा- गुरु एक साधन है, एक माध्यम है, वह परे जाने का द्वार है। जब द्वार खुलता है तभी हम दूसरी ओर देख सकते हैं।

देवघर कॉलेज की छात्रा टिशा केशरी ने कहा- हमारे जीवन में माता, पिता और गुरु की अपनी अपनी भूमिका है, हमें इनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापन करना चाहिए।

मौके पर दीनबंधु की दिव्या कुमारी, नव्या कुमारी, राम मंदिर बीपीजे उच्च विद्यालय की राशि कुमारी गुप्ता, राधिका कुमारी ने भी अपनी अपनी बातें रखी।