देवघर (शहर परिक्रमा)

जसीडीह के बदलाडीह में मनाया गया हूल दिवस

देवघर: हूल दिवस के मौके पर जसीडीह के बदलाडीह में हुल बेसी समिति ने सिद्धू कानू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अमर शहीद वीर सिद्धू कानू के जीवनी को याद किया गया। इस दरमियान जेएमएम नेता सरोज सिंह, सीता हासदा, सोमरा मुर्मू, सकोदी हेंब्रम सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।

मौके पर जेएमएम नेता सरोज सिंह ने हूल दिवस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सिधु कान्हू सहित चार भाइयों ने अंग्रेजों के विरुद्ध बड़ी आंदोलन की विगुल फूंकी थी।
1793 की अस्थाई भूमि कानून के अनुसार जमीन जमींदारों की हो गई थी।आदिवासी भाइयों ने कड़े परिश्रम से जंगलों को काट कर भूमि कृषि योग बनाई थी।जमींदारों ने इस भूमि के स्वामित्व का दावा किया।साहूकारों ने ब्याज प्रथा आरंभ कर दिया।इसी का परिणाम चार भाइयों सिद्धू, कान्हू, चांद और भैरव के नेतृत्व में 30 जून 1855 को भोगनाडीह में लगभग 400 आदिवासी गांव के 10,000 आदिवासी जमा हुए और हूल (क्रांति) का अगाज हुआ।इस दौरान मुख्यरूप से सरोज सिंह,नंदकिशोर दास सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।