अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस पर डीएवी कोडरमा के बच्चों ने दिखाई जागरूकता
3 जुलाई को डीएवी पब्लिक स्कूल झुमरी तिलैया, कोडरमा में प्रार्थना सभा में अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस पर बच्चों ने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरुक कर प्लास्टिक के उपयोग न करने के लिए प्रेरित किया । बच्चों ने दिखाया कि हमें पर्यावरण के प्रति सदैव संवेदनशील रहना चाहिए तथा लोगों को एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

बच्चों ने प्लास्टिक बैग के स्थान पर कपड़े के थैले और पर्यावरण अनुकूल विकल्पों का उपयोग करने का संकल्प लिया। बच्चों ने प्लास्टिक बैग के उपयोग से होने वाले हानिकारक पहलुओं को दिखाते हुए पोस्टर बनाए । छठीं कक्षा की शैल कुमारी ने सुविचार, आठवीं कक्षा की दृष्णा कश्यप ने हिंदी में कविता एवं आराध्या सिंह ने अंग्रेजी में अपने वक्तव्य के द्वारा बतलाया कि हमें प्लास्टिक का उपयोग नहीं करना चाहिए। प्लास्टिक के उपयोग से हम सभी वातावरण को असंतुलित कर विकट समस्या पैदा कर रहे हैं। आठवीं कक्षा की ईशू कुमारी, साक्षी कुमारी, समृद्धि वर्मा, सभ्यता सिंह, ऋषभ सिंह, अभिनव एवं उपांशु ने लघु नाटक प्रस्तुत कर सभी बच्चों को प्लास्टिक बैग का उपयोग न करने तथा इसके रोकथाम में अपनी अपनी शत- प्रतिशत भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

मौके पर विद्यालय के प्राचार्य कृष्ण कुमार सिंह ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस प्रतिवर्ष 3 जुलाई को मनाया जाता है । इसका उद्देश्य लोगों को प्लास्टिक बैग के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूक करना तथा उन्हें प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए प्रोत्साहित करना होता है। प्लास्टिक बैग के उपयोग से पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है । प्लास्टिक बैग मिट्टी में नष्ट नहीं होता है तथा जलाने पर उसका धुआं वातावरण को प्रदूषित करता है जो हमारी श्वसन प्रणाली पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है । प्लास्टिक बैग में रखे हुए खाद्य पदार्थ हमारे लिए विशेष हानिकारक होते हैं। कूड़ेदान में फेंके गए सड़े गले खाद्य पदार्थ युक्त प्लास्टिक को निगल जाने से पशु बीमारी से ग्रसित होकर मर जाते हैं। इसके लिए हमें हमेशा सावधान रहना चाहिए। नालियों में प्लास्टिक थैलियों के फेंकने से जल निकासी प्रणाली अवरुद्ध हो जाती है और जल भराव की समस्या पैदा हो जाती है। इससे अनेक प्रकार की संक्रामक बीमारियां भी फैलने का डर बना रहता है। इस दिवस पर हमें प्रण लेना चाहिए कि हम प्लास्टिक बैग का उपयोग नहीं करेंगे और लोगों को भी उपयोग करने से मना करेंगे तभी हमारा पर्यावरण संतुलित रहेगा और हमारा जीवन खुशहाल रहेगा। मंच का संचालन आठवीं कक्षा की आकृती सिंह ने किया ।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में संगीता जेठवा, अभिषेक एवं अंजली ने बच्चों का दिशा- निर्देश एवं मार्गदर्शन किया।

