देवघर (शहर परिक्रमा)

डॉ. सुनील खवाड़े ने क्यों कहा- “खिलाड़ी को सांस नहीं लेने दूंगा”

देवघर: स्थानीय केकेएन स्टेडियम में डाॅ सुनील खवाड़े देवघर ट्राफी के प्रथम संस्करण का फाइनल मुकाबला आज रविवार को खेला गया।

इस दौरान डॉ सुनील खवाड़े ने कहा कि मैं आज के आयोजन से अभिभूत हूं। आयोजन कमेटी ने बहुत बेहतरीन प्रबंध किया है। फाइनल मुकाबला बहुत रोमांचक हुआ। ऐसे आयोजन तो अभी शुरुआत है। आगे इससे भी बेहतरीन ढंग से आयोजन किया जाएगा।

आगामी फरवरी माह में अगला संस्करण होगा। साथ ही संथाल परगना स्तर पर ऐसे आयोजन करने की रणनीति बनाई जा रही है। जूनियर के लिए भी आयोजन होगा। हम कमेटी के लोग बैठेंगे और इसपर विचार विमर्श होगा। कल से फरवरी के आयोजन के लिए तैयारी शुरू किया जाएगा। खिलाडियों में बहुत योग्यता है। कई खिलाड़ी स्टेट व नेशनल स्तर पर जा सकते हैं उनमें माद्दा है।

मुझे कोई चुनाव वगैरह से मतलब नहीं है। जब बच्चे खेलते हैं तो मुझे अपनी याद आती है। अब दौर बदल चुका है। अभिवावक स्वयं आज बच्चे को खेल के मैदान पर लेकर आते हैं। दोनों टीमों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया है।
   उन्होंने आगे कहा कि जब तक मेरे में सांस है तब तक किसी खिलाड़ी को सांस लेने नहीं दूंगा। मैं क्रिकेट, वॉलीबॉल, ताइक्वांडो, चेस, कबड्डी, बैडमिंटन और भी जितना तरह का खेल है, सबका आयोजन कराऊंगा। ताकि खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिले।